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भगवान को अपना मानते हैं, फिर भी अनन्य प्रेम क्यों? | श्री कृपालु जी महाराज Video4

Braj Chakori Devi

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भगवान को अपना मानते हैं, फिर भी अनन्य प्रेम क्यों? | श्री कृपालु जी महाराज Video4

2 123 просмотра · 4 дн. назад
Braj Chakori Devi
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क्या भगवान को अपना मानना ही उनके प्रति अनन्य प्रेम करने के लिए पर्याप्त है? यदि हम भगवान को अपना मानते हैं, तो फिर हमारे हृदय में उनके प्रति अनन्य प्रेम क्यों नहीं जागता? इस दिव्य प्रवचन में जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज सरल उदाहरणों और गहन आध्यात्मिक शिक्षाओं के माध्यम से समझाते हैं कि भगवान के प्रति हमारा संबंध कैसा होना चाहिए। देहाभिमान, अहंकार, संसार की नश्वरता और भगवान के प्रति अनन्य भाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चिंतन करने का अवसर प्राप्त करें। 🌺 प्रवचन से मुख्य शिक्षाएँ • भगवान के प्रति अनन्य प्रेम का वास्तविक अर्थ। • संसार और शरीर के प्रति आसक्ति को समझना। • अहंकार और अपनी गलतियों को पहचानने का महत्व। • भगवान को केवल अपना मानना नहीं, बल्कि उन्हें ही अपना सर्वस्व मानना। 🙏 ऐसे ही दिव्य प्रवचनों, भजनों, कीर्तनों और आध्यात्मिक चिंतन के लिए चैनल को Subscribe करें और भक्ति पथ पर आगे बढ़ें। राधे राधे! 🌸 #ShriKripaluJiMaharaj #AnanyaPrem #Bhakti #KripaluRasamrit #SpiritualDiscourse Watch our old videos Chintan :    • Chintan   E-Satsang :    • E-Satsang With Braj Chakori Devi ji   Prem Ras Madira :    • Prem Ras Madira   Lecture Series:    • Lecture Series   Join us via Whatsapp https://bit.ly/Brajchakoriwh Via Facebook   / brajchakori108   Via Twitter   / krasamrit   Via Website : http://ssdbbsr.weebly.com Team Kripalu Rasamrit 8209800400