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इश्क़-ए-मसीह का दरिया | Ishq-E-Masih Ka Dariya | Hindi Urdu Christian Gospel Qawwali

Gospel Songs Channel -2

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इश्क़-ए-मसीह का दरिया | Ishq-E-Masih Ka Dariya | Hindi Urdu Christian Gospel Qawwali

360 просмотров · 7 дн. назад
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इश्क़-ए-मसीह का दरिया | Ishq-E-Masih Ka Dariya | Hindi Urdu Christian Gospel Qawwali Chorus जब ज़ुल्मत-ए-बदी बढ़ने लगे, तो रहमतों के दरिया बहा देना, जब नफ़रतें बढ़ने लगें, तो इश्क़-ए-मसीह से दिल सजा देना। Verse 1 दुनिया की भीड़ में भटका हुआ इन्सान, हर मोड़ पर है आज अंधेरे का गुमान। ऐ मेरे ख़ुदा तू अपनी रोशनी दिखा, Chorus: जब ज़ुल्मत-ए-बदी बढ़ने लगे... Verse 2 हर जख्म पर तू अपने करम का मरहम रख, कमजोर इस जहां में तू अपना कदम रख। उम्मीद की किरण से रास्तों को रोशन कर, Chorus: जब ज़ुल्मत-ए-बदी बढ़ने लगे... Verse 3 जब दिल के शीशे पर गम के दाग आएं, और आंसुओं के समंदर उमड़ के जाएं। तू अपनी सांत्वना की छांव में बिठा लेना, Chorus: जब ज़ुल्मत-ए-बदी बढ़ने लगे... Verse 4 सूली पे जो बहा था वो पाकदामन लहू, उससे धुल जाए हर दिल का मैला गुबार वो। उस पाक प्यार की खूश्बू से जग को महका देना, Chorus: जब ज़ुल्मत-ए-बदी बढ़ने लगे... Verse 5 अहंकार के आंधी में तिनका है ये जहां, तू रहमतों की बारिश बरसा दे मेहरबां। इंसानी दिलों से ये दीवारें मिटा देना, Chorus: जब ज़ुल्मत-ए-बदी बढ़ने लगे... Verse 6 भटके हुओं को फिर से तू राह दिखा देना, हर एक प्यासे को जीवन का जल पिला देना। तेरी पनाह में हमको हर पल बसा लेना, Chorus: जब ज़ुल्मत-ए-बदी बढ़ने लगे... Verse 7 'अल्फ़ाज़' हर दुआ में तेरा ही नाम गाए, सूली का प्यार हर दिल की प्यास बुझाए। इस रूह के गुलशन को फूलों से सजा देना, Chorus: जब ज़ुल्मत-ए-बदी बढ़ने लगे... Song Written By Brother Vipul Manik Shinde #IshqEMasihKaDariya #ChristianQawwali #MasihiQawwali #HindiChristianSong #UrduChristianSong #JesusSongs #YeshuMasih #GospelSong #MasihiGeet #ChristianWorship #HindiUrduGospel #JesusLovesYou