अगर आत्मा ही परमात्मा है तो पूजा किसकी? | अष्टावक्र गीता
अष्टावक्र दर्शन
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अगर आत्मा ही परमात्मा है तो पूजा किसकी? | अष्टावक्र गीता
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अष्टावक्र दर्शन
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🕉️ राजा जनक को जगाने वाली अष्टावक्र की वाणी, कबीर की कस्तूरी, संत एकनाथ और प्यासे गधे की कथा, इन सबके सहारे हम समझेंगे कि पूजा का असली अर्थ क्या है और पूजा करने वाला असल में कौन है।
📌 इस वीडियो में आप जानेंगे:
✦ आत्मा और परमात्मा का वास्तविक संबंध क्या है
✦ पूजा क्यों की जाती है और असली पूजा किसे कहते हैं
✦ पाने वाली पूजा और याद करने वाली पूजा में अंतर
✦ राजा जनक और ऋषि अष्टावक्र का अद्भुत संवाद
✦ "अहं ब्रह्मास्मि" का सही अर्थ और अहंकार का खतरा
✦ गृहस्थ जीवन में पूजा को गहरा बनाने के तीन सरल उपाय
अष्टावक्र गीता अद्वैत वेदांत का सबसे सीधा और क्रांतिकारी ग्रंथ माना जाता है, जो बिना किसी अनुष्ठान के सीधे आत्मज्ञान और साक्षी भाव की बात करता है। यह वीडियो उन सभी के लिए है जो भक्ति, ज्ञान और आत्मबोध के बीच सेतु खोज रहे हैं।
💬 आपकी पूजा अब तक किसकी रही है, भेड़ की या शेर की? अपना उत्तर कमेंट में ज़रूर लिखिए।
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