राम का वनगमन | सब कुछ खोकर भी राम क्यों मुस्कुराए? | Ramayana Ep. 15
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राम का वनगमन | सब कुछ खोकर भी राम क्यों मुस्कुराए? | Ramayana Ep. 15
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क्या आपने कभी सोचा है... क्या कोई व्यक्ति अपना सब कुछ खोकर भी... बिना किसी क्रोध या शिकायत के... पूर्ण शांति से स्वीकार कर सकता है?
राज्याभिषेक की सुबह राम को पता चलता है कि उन्हें चौदह वर्ष का वनवास मिला है। वे बिना किसी शिकायत के पिता की आज्ञा स्वीकार करते हैं, माता कौशल्या को सांत्वना देते हैं, लक्ष्मण के क्रोध को शांत करते हैं, और सीता के दृढ़ प्रेम के आगे झुककर उन्हें साथ ले चलते हैं। वल्कल वस्त्र धारण कर तीनों अयोध्या छोड़ते हैं... और पूरी प्रजा विलाप करती हुई रथ के पीछे दौड़ पड़ती है।
वाल्मीकि रामायण, अयोध्या कांड पर आधारित।
📍 अयोध्या से तमसा नदी तक
Timestamps
समय
अध्याय
0:00
परिचय — शांति से स्वीकार
0:24
सुमंत्र का बुलावा
0:57
राम की शांत स्वीकृति
1:33
माता कौशल्या का विलाप
2:11
लक्ष्मण का क्रोध
2:52
सीता का दृढ़ निश्चय और वल्कल वस्त्र
3:44
विदाई और अयोध्या से प्रस्थान
4:22
यह कथा हमें क्या सिखाती है?