नाम की अपार महिमा || H. H. Lokanath Swami || ISKCON Jalgao
Lokanath Swami Official
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नाम की अपार महिमा || H. H. Lokanath Swami || ISKCON Jalgao
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ISKCON Jalgaon
Lecture By: H. H. Lokanath Swami
21 March 2026
इस वीडियो में, परम पूज्य लोकनाथ स्वामी महाराज जलगाँव (महाराष्ट्र) की अपनी यात्रा के दौरान 'जप यज्ञ' की महिमा पर प्रकाश डाल रहे हैं। महाराज जी समझाते हैं कि कैसे अन्य सभी दानों (जैसे भूदान या अन्नदान) की तुलना में जीव को 'कृष्ण' का दान देना सबसे श्रेष्ठ है। वे विभिन्न मतों जैसे शून्यवाद, मायावाद और निराकारवाद की तुलना में भक्ति योग की सर्वोच्चता को स्पष्ट करते हैं और चैतन्य महाप्रभु के आदर्श आचरण के माध्यम से कृष्ण भक्ति के सरल मार्ग का दर्शन कराते हैं।
टाइमस्टैम्प (Timestamps):
00:00 - जलगाँव आगमन और भूदान यज्ञ का स्मरण
01:10 - जप यज्ञ: सभी यज्ञों में श्रेष्ठ
02:33 - जीव की वास्तविक मांग: कृष्ण की प्राप्ति
04:12 - सामाजिक सेवा बनाम भगवत सेवा (मानव सेवा ही माधव सेवा?)
07:42 - धार्मिक संस्थानों द्वारा भौतिक सहायता और उसकी सीमाएं
11:03 - कृष्ण का संदेश: "मैं सबके हृदय में विराजमान हूँ"
14:06 - भगवान के साथ हमारा शाश्वत संबंध
17:02 - भक्ति, मुक्ति और सिद्धि कामी: अंतर और सत्य
21:30 - ट्रेन का उदाहरण: ब्रह्म, परमात्मा और भगवान के ज्ञान का स्तर
26:30 - शून्यवाद और नास्तिकता का खंडन
30:53 - प्रामाणिक चार संप्रदायों का महत्व
34:00 - भगवद गीता 'यथारूप' और भक्ति योग की श्रेष्ठता
42:52 - कलयुग में चैतन्य महाप्रभु का अवतार और संकीर्तन आंदोलन
47:00 - महाप्रभु द्वारा गीता के उपदेशों का व्यावहारिक प्रदर्शन
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