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Khwaab Sajate Rahe, Khwaab Mitate Rahe l Evergreen sur sangram l Emotional sufi sad song 2026

Evergreen sur sangram

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Khwaab Sajate Rahe, Khwaab Mitate Rahe l Evergreen sur sangram l Emotional sufi sad song 2026

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Evergreen sur sangram
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ख़्वाब सजाते रहे, ख़्वाब मिटाते रहे दर्द सहकर भी हम मुस्कुराते रहे तेरी एक झलक को तरसती रहीं निगाहें फिर भी तुझे देखने हम आते रहे तू मिला भी नहीं, हम तुझे चाहते रहे दिल की हर बात दिल में छुपाते रहे रात ढलती रही, चाँद सोता रहा हम तेरी याद में गीत गाते रहे जिस गली से तेरे घर का रास्ता जाता था दिल उसी राह पर रोज़ आता-जाता था तू नज़र से कभी सामने आया नहीं हम मगर दूर से तुझको निहारते रहे तेरी ख़ामोशियों को समझते रहे तेरे हर फ़ासले को सहते रहे तूने पूछा नहीं हाल-ए-दिल कभी हम बिना कहे भी सब बताते रहे ख़त लिखे भी बहुत, फिर मिटाते रहे नाम तेरा मगर दिल पे लिखते रहे तू किसी और का हो गया तो क्या हम तुझे अपना समझते रहे दर्द बढ़ता गया, मुस्कुराते रहे आँख रोती रही, दिल को बहलाते रहे लोग पूछें तो कहते रहे कुछ नहीं तेरी यादों में बस ख़ुद को पाते रहे कभी लगता था तू लौट आएगा सूना दिल फिर से मुस्कुराएगा इसी उम्मीद में उम्र ढलती रही हम तेरे इंतज़ार में गुनगुनाते रहे तू मिला ही नहीं, फिर भी शिकवा नहीं तेरे हिस्से में कोई भी शिकवा नहीं जिस मोहब्बत को पाया नहीं उम्र भर उसी मोहब्बत के गीत हम गाते रहे ख़्वाब सजाते रहे, ख़्वाब मिटाते रहे दर्द सहकर भी हम मुस्कुराते रहे तेरी एक झलक को तरसती रहीं निगाहें फिर भी तुझे देखने हम आते रहे आना था तुझको तो आए ही नहीं कहाँ रुक गए, कुछ बताए ही नहीं हमने आँखों में राहें सजाए रखीं तुमने लौटकर कदम बढ़ाए ही नहीं फिर भी दिल ने तुझे बद्दुआ दी नहीं तेरी यादों से दूरी बनाई नहीं तू जहाँ भी रहे, बस ख़ुश रहे हमने इतनी दुआ भी भुलाई नहीं ख़्वाब सजाते रहे, ख़्वाब मिटाते रहे दर्द सहकर भी हम मुस्कुराते रहे इश्क़ सच्चा था, इसलिए आज तक तेरी यादों में हम गुनगुनाते रहे... Written by Abhishek yadav