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आत्मा का असली घर कहां है? जीव किस रंग का है?#abhilashsahebji

KABIR KA ADHYATMA

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आत्मा का असली घर कहां है? जीव किस रंग का है?#abhilashsahebji

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KABIR KA ADHYATMA
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आत्मा वह अदृश्य सत्ता है, जो न जन्म लेती है न मरती है। वह नित्य, शुद्ध, बुद्ध और अमर चेतना है। शरीर बदलते रहते हैं, पर आत्मा अचल और अविनाशी रहती है। जीव उसी आत्मा का वह रूप है, जो शरीर, मन और अहंकार के रंग में रंग जाता है। जैसे निर्मल जल में रंग मिल जाने पर उसका रूप बदल जाता है, वैसे ही आत्मा जब देह और माया से जुड़ती है तो “जीव” कहलाती है। जब तक जीव अपने असली स्वरूप — शुद्ध आत्मा — को नहीं पहचानता, तब तक वह संसार के रंगों में भटकता रहता है। पर जैसे ही आत्मा का अनुभव होता है, सभी रंग मिट जाते हैं, और केवल सत्य, शांति और प्रकाश शेष रह जाता है।