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#आनंदमठ | लेखक-बंकिमचन्द्र चटर्जी | #Anandamath | #BankimChandra Chatterji

Hindi Sahitya:SeemaSingh

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#आनंदमठ | लेखक-बंकिमचन्द्र चटर्जी | #Anandamath | #BankimChandra Chatterji

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Hindi Sahitya:SeemaSingh
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#बंगलाउपन्यासआनंदमठ #Anandamath #BankimChandraChatterjikaupanyasAnandamath #वन्देमातरमगीत 'वन्दे मातरम्' गीत आनन्दमठ बांग्ला भाषा का एक उपन्यास है जिसकी रचना बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय ने 1882 में की थी। इस कृति का भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम और स्वतन्त्रता के क्रान्तिकारियों पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ा। भारत का राष्ट्रीय गीत वन्दे मातरम् इसी उपन्यास से लिया गया है। छपते ही यह पुस्तक अपने कथानक के चलते पहले बंगाल और कालान्तर में समूचे भारतीय साहित्य व समाज पर छा गई। उपन्यास की कथा सन् 1770 के बंगाल के भीषण अकाल तथा सन्यासी विद्रोह पर आधारित है। इसमें वर्ष 1770 से 1774 तक के बंगाल का चित्र खींचा गया है। कथानक की दृष्टि से यह उपन्यास या ऐतिहासिक उपन्यास से बढ़कर है। महर्षि बंकिम ने अप्रशिक्षित किन्तु अनुशासित संन्यासी सैनिकों की कल्पना की है जो अनुभवी ब्रिटिश सैनिकों से संघर्ष करते हैं और उन्हें पराजित करते हैं।