श्री हनुमान चालीसा पाठ | आरती कीजै हनुमान लला की | Bhakti Songs 2026🙏🔱👏
Bhakti karo
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श्री हनुमान चालीसा पाठ | आरती कीजै हनुमान लला की | Bhakti Songs 2026🙏🔱👏
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श्री हनुमान चालीसा गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित एक अत्यंत पवित्र और लोकप्रिय स्तुति है। इसमें कुल 40 चौपाइयां और दोहे शामिल हैं, जिनका मुख्य भाव इस प्रकार है:
शुरुआती दोहे
प्रारंभ में अपने गुरु के चरणों की धूल से मन को पवित्र करके श्री रामचंद्र जी के निर्मल यश का वर्णन करने का संकल्प लिया जाता है। इसके बाद हनुमान जी से बल, बुद्धि और विद्या प्रदान करने तथा सभी दुखों व क्लेशों को हरने की प्रार्थना की जाती है।
मुख्य चौपाइयों का सारांश
महिमा और रूप का वर्णन:
हनुमान जी की अगाध भक्ति, ज्ञान और अतुलित बल की प्रशंसा की गई है। उनके स्वर्ण समान कांतिमान शरीर, कुंडल, मुकुट और हाथ में गदा व ध्वज का सुंदर रूप चित्रित किया गया है।
श्रीराम सेवा और पराक्रम:
हनुमान जी को सुग्रीव की मदद करने, लंका दहन करने, संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण जी के प्राण बचाने और माता सीता का सुराग लगाने जैसे महान कार्यों के लिए याद किया गया है। वे प्रभु श्री राम के अत्यंत प्रिय और निष्ठावान भक्त हैं।
देवताओं और ऋषियों में स्थान: se
यमराज, कुबेर, दिग्पाल, कवि और विद्वान भी उनके यश का पूरी तरह वर्णन नहीं कर सकते। चारों युगों में उनकी कीर्ति फैली हुई है और वे अष्ट सिद्धि तथा नौ निधियों के दाता हैं।
संकट मोचन एवं मनोकामना पूर्ति:
जो व्यक्ति हनुमान जी का निरंतर स्मरण करता है, उसके सारे संकट, रोग और पीड़ा दूर हो जाती है। वे भूत-पिशाच और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा करते हैं।
शरण और आशीर्वाद:
जो भी व्यक्ति सच्चे मन से हनुमान जी की शरण में आता है, उसे सभी सुख प्राप्त होते हैं। वे श्री राम जी के भक्त को अंत समय में रामधाम का मार्ग दिखाते हैं।
अंतिम दोहा
समापन में पवनपुत्र हनुमान जी से प्रार्थना की जाती है कि वे संकटों का हरण करके प्रभु श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण जी के साथ भक्त के हृदय में सदा निवास करें।
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