श्री शिव महापुराण विधेश्वरसहिंता अध्याय 4 | Full Shiv Puran Hindi Shiv Puran Katha By Riteshvurkude
Ritesh V Urkude - Puran katha
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श्री शिव महापुराण विधेश्वरसहिंता अध्याय 4 | Full Shiv Puran Hindi Shiv Puran Katha By Riteshvurkude
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श्री शिव महापुराण विधेश्वरसहिंता अध्याय 4 | Full Shiv Puran Hindi - Shiv Puran Katha #Riteshvurkude
भगवान् शिव के शिवलिंग और साकार मूर्ति (विग्रह) की पूजा का क्या रहस्य और महत्त्व है? 🔱✨
शिवपुराण के अनुसार, सूतजी महर्षि शौनक से कहते हैं कि जो व्यक्ति श्रवण, कीर्तन और मनन के साधनों में समर्थ न हो, यदि वह निष्छल भाव से भगवान् शंकर के शिवलिंग या मूर्ति की स्थापना करके नित्य पूजा-अर्चना करता है, तो वह संसार-सागर से पार हो सकता है।
हर-हर महादेव! 🚩🙏
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शिव पुराण की प्रमुख संहिताएं (खंड)
विद्येश्वर संहिता: इसमें शिव महिमा, पार्थिव पूजन और ॐ नमः शिवाय मंत्र का महत्व बताया गया है।
रुद्र संहिता: इसमें शिव-पार्वती विवाह, कार्तिकेय जन्म और शिव लीलाओं का वर्णन है।
शतरुद्र संहिता: भगवान शिव के विभिन्न अवतारों और उनके रहस्यों का वर्णन है।
कोटि रुद्र संहिता: द्वादश ज्योतिर्लिंगों (12 ज्योतिर्लिंग) की कथा और उनके महात्म्य का विवरण है।
उमा संहिता: माता उमा (पार्वती) के चरित्र, तपस्या और ज्ञान का वर्णन है।
कैलाश संहिता: ध्यान, योग, मोक्ष मार्ग और शिव प्राप्ति के साधनों का वर्णन है।
वायवीय संहिता: ज्ञान, योग, ईशान कल्प और शिव भक्ति की महिमा का विस्तृत विवेचन है।
मुख्य कथाएं और प्रसंग
सृष्टि की उत्पत्ति: भगवान सदाशिव ने अपनी शक्ति (उमा/माता जगदंबा) के साथ मिलकर ब्रह्मा और विष्णु को प्रकट किया तथा उन्हें सृष्टि की रचना व पालन का कार्य सौंपा।
सती और शिव कथा: दक्ष प्रजापति के यहाँ माता सती का जन्म, शिव जी से उनका विवाह, दक्ष के यज्ञ में सती का योगाग्नि द्वारा देहत्याग और वीरभद्र द्वारा दक्ष का विध्वंस।
पार्वती विवाह: माता सती का हिमालय के यहाँ पार्वती के रूप में पुनर्जन्म, शिव जी को पाने के लिए कठोर तपस्या और शिव-पार्वती का विवाह।
कार्तिकेय और गणेश जन्म: कार्तिकेय द्वारा तारकासुर का वध तथा श्री गणेश के जन्म और उनके गजानन स्वरूप की कथा।
शिव महिमा व त्रिपुरा वध: असुरों के राजा जालंधर, त्रिपुरासुर और अंधकासुर का वध कर देवताओं को संकट से मुक्त Thank
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