नबी ﷺ की आमद का असली पैगाम क्या है? | दिल को छू लेने वाला बयान 4K 28/8/2026#khutbaejummah #nabipakﷺ
Al Mizan
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नबी ﷺ की आमद का असली पैगाम क्या है? | दिल को छू लेने वाला बयान 4K 28/8/2026#khutbaejummah #nabipakﷺ
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🌹 नबी ﷺ की आमद का असल मकसद क्या है?
कुरआन और हदीस की रोशनी में एक अहम बयान
बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम
अल्हम्दुलिल्लाहि रब्बिल आलमीन, वस्सलातु वस्सलामु अला रसूलिल्लाह ﷺ।
मेरे प्यारे भाइयों!
आज हम एक बहुत महत्वपूर्ण सवाल पर बात करेंगे—
नबी-ए-करीम हज़रत मुहम्मद ﷺ इस दुनिया में क्यों तशरीफ़ लाए?
उनकी आमद का असल मकसद क्या था?
और अगर हम उनकी उम्मत हैं, तो हमारी जिंदगी में उनकी आमद का क्या असर होना चाहिए?
इस सवाल का जवाब हमें सबसे पहले कुरआन से लेना चाहिए।
1. सबसे पहला मकसद — अल्लाह की तरफ बुलाना
नबी ﷺ की दावत का बुनियादी संदेश था कि इंसान अपने पैदा करने वाले को पहचाने और केवल उसी की इबादत करे।
अल्लाह तआला फरमाता है:
“हमने कोई रसूल नहीं भेजा मगर इसलिए कि अल्लाह के हुक्म से उसकी इताअत की जाए।”
(सूरह अन-निसा 4:64)
नबी ﷺ ने लोगों को शिर्क से निकालकर तौहीद की तरफ बुलाया।
यानी हमारा पहला रिश्ता अल्लाह के साथ सही होना चाहिए।
2. कुरआन की शिक्षा देना और इंसान को पाक करना
अल्लाह तआला फरमाता है:
“वह उनके सामने उसकी आयतें पढ़ते हैं, उन्हें पाक करते हैं और उन्हें किताब तथा हिकमत की शिक्षा देते हैं।”
(सूरह अल-जुमुआ 62:2)
इस एक आयत में नबी ﷺ के मिशन के बड़े हिस्से सामने आ जाते हैं—
कुरआन सुनाना,
इल्म देना,
इंसान की इस्लाह करना,
दिल और अमल को पाक करना।
इसलिए नबी ﷺ की आमद का मकसद केवल यह नहीं था कि हम उनका नाम लें, बल्कि यह भी है कि हम उनकी लाई हुई शिक्षा को अपनी जिंदगी में उतारें।