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#वारिस#मोहन राकेश की कहानी//Author : Mohan Rakesh//

Sahitya Nidhi

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#वारिस#मोहन राकेश की कहानी//Author : Mohan Rakesh//

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Sahitya Nidhi
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मोहन राकेश ‘नई कहानी’ के दौर के अग्रणी रचनाकारों में एक मोहन राकेश का जन्म 8 जनवरी, 1925 को जंडीवाली गली, अमृतसर में हुआ। आषाढ़ का एक दिन सन 1958 में प्रकाशित नाटककार मोहन राकेश द्वारा रचित एक हिंदी नाटक है। इसे कभी-कभी हिंदी नाटक के आधुनिक युग का प्रथम नाटक कहा जाता है। मोहन राकेश नई कहानी आन्दोलन के सशक्त हस्ताक्षर और नाटक विधा के शिरोमणि थे। मोहन राकेश हिन्दी के बहुमुखी प्रतिभा संपन्न नाट्य लेखक और उपन्यासकार हैं। मोहन राकेश हिंदी साहित्य के उन चुनिंदा साहित्यकारों में हैं जिन्हें ‘नयी कहानी आंदोलन’ का नायक माना जाता है और साहित्य जगत् में अधिकांश लोग उन्हें उस दौर का ‘महानायक’ कहते हैं। उन्होंने ‘आषाढ़ का एक दिन’ के रूप में हिंदी का पहला आधुनिक नाटक भी लिखा। Mohan Rakesh was one of the pioneers of the Nai Kahani literary movement of the Hindi literature in the 1950s. He wrote the first modern Hindi play, Ashadh Ka Ek Din, which won a competition organised by the Sangeet Natak Akademi.