निराला: जिसने सब कुछ खोया, पर हिंदी कविता को आज़ाद कर दिया | Suryakant Tripathi Nirala Documentary
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निराला: जिसने सब कुछ खोया, पर हिंदी कविता को आज़ाद कर दिया | Suryakant Tripathi Nirala Documentary
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जिस आदमी से बचपन में माँ छिन गई, जवानी में 1918 की महामारी ने पूरा परिवार छीन लिया, और फिर इकलौती बेटी सरोज भी चली गई... उसी ने हिंदी कविता को उसकी सबसे बड़ी आज़ादी दी।
यह कहानी है सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' की — छायावाद के महान स्तंभ, मुक्त छंद के प्रवर्तक, और हिंदी के 'महाप्राण' कवि।
इस डॉक्यूमेंट्री में देखिए:
✦ बंगाल का वह लड़का, जिसने जवानी में हिंदी सीखी और हिंदी का सबसे निराला कवि बना
✦ 1918 की महामारी, जिसमें कुछ ही हफ़्तों में पूरा परिवार ख़त्म हो गया
✦ 'जूही की कली' और मुक्त छंद की लड़ाई
✦ लखनऊ का रचनात्मक दौर, 'कुल्ली भाट' और 'चतुरी चमार'
✦ गांधी जी से भरी सभा में बहस
✦ 'सरोज स्मृति' — एक पिता की सबसे दर्द भरी कविता
✦ 'राम की शक्ति पूजा' — जब भगवान राम भी हारने लगते हैं
✦ 'वह तोड़ती पत्थर' और 'कुकुरमुत्ता' — सड़क का कवि
✦ इलाहाबाद के दारागंज में आख़िरी बरस
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