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👉 जिसकी सेवा करोगे… वैसा ही बनते जाओगे! 😲 | वैयावृत्य का रहस्य | Jain Pravachan | Dr. Suyashnidhi ji

Jain Samani Dr. Suyashnidhi

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👉 जिसकी सेवा करोगे… वैसा ही बनते जाओगे! 😲 | वैयावृत्य का रहस्य | Jain Pravachan | Dr. Suyashnidhi ji

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जिसकी सेवा करोगे… वैसा ही बनते जाओगे! 🙏 क्या आपने कभी सोचा है कि सेवा केवल दूसरों की सहायता नहीं, बल्कि स्वयं के व्यक्तित्व और आत्मा को गढ़ने वाली साधना भी हो सकती है? इस प्रेरणादायी जैन प्रवचन में जैन समणी डॉ. सुयशनिधि जी ने वैयावृत्य अर्थात् सेवा के गहरे आध्यात्मिक अर्थ को सरल और प्रभावशाली ढंग से समझाया है। जैन दर्शन के अनुसार सेवा किसकी करनी चाहिए? क्या हर प्रकार की सेवा समान फल देती है? श्रेष्ठ एवं गुणी व्यक्तियों की सेवा से हमारे भीतर कौन-से गुण विकसित होते हैं? और जब भगवान सिद्ध अवस्था में हैं, तब उनकी सेवा किस प्रकार की जा सकती है? समणीश्री ने समझाया कि विनय, श्रद्धा और शुद्ध भाव से की गई सेवा हमारे भीतर छिपे सद्गुणों को प्रकट करने का माध्यम बन सकती है। दूसरों के गुणों की सेवा और आराधना करते-करते वही गुण हमारे जीवन में भी उतरने लगते हैं। अगर प्रवचन आपको अच्छा लगे तो Like 👍 | Share ↗️ | Subscribe 🔔 अवश्य करें और इस संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाएँ। #JainPravachan #Jainism #JainDharma #Vayavrutya #Veyavrutya #सेवा #वैयावृत्य #JainSamani #SuyashnidhiJi #JainMotivation #JainThoughts #JainSadhana #Paryushan #ParyushanMahaparva #JainReligion #Spirituality #JainVani #JainSadhvi #जयजिनेंद्र #धर्मसभा #youtuber #youtube #youtubevideo #youtubechannel #raichur #ternding #2026 #2026goals