Перейти к содержимому

तरक़्क़ियों की दौड़ में उसी का ज़ोर चल गया... 🔥 | #Ghazal #UrduShayari #DeepVoiceGhazal #Shorts

ghazal sessions studio

0:00 / 0:00

तरक़्क़ियों की दौड़ में उसी का ज़ोर चल गया... 🔥 | #Ghazal #UrduShayari #DeepVoiceGhazal #Shorts

237 просмотров · 1 месяц назад
ghazal sessions studio
76 подписчиков
237 просмотров · 1 месяц назад
सुलग उठेंगे जाने कितने दिल हसद की आग से... 🔥 पेश है नईम अख़्तर बुरहानपुरी साहब की बेहद मशहूर और रूहानी ग़ज़ल, एक ख़ास तरन्नुम और गहरी-भारी आवाज़ (Deep Vocal) के अंदाज़ में। यह ग़ज़ल ज़िंदगी की सच्चाई, कामयाबी और इंसान के बदलते वक्त को बयां करती है। 📖 ग़ज़ल के बोल (Lyrics): तरक़्क़ियों की दौड़ में उसी का ज़ोर चल गया बना के अपना रास्ता जो भीड़ से निकल गया सुलग उठेंगे जाने कितने दिल हसद की आग से अगर हवा के सामने मिरा चराग़ जल गया कहाँ तू बात कर रहा था खेलने की आग से ज़रा सी आँच क्या लगी कि मोम सा पिघल गया ज़रा सी देर के लिए जो आ गया मैं अब्र में उधर ये शोर मच गया कि आफ़्ताब ढल गया 'उरूज पर नसीब था तो छू रहा था आसमाँ बिगड़ गया नसीब तो ज़मीं से भी फिसल गया मुझी को अपनी शक्ल आज लग रही है अजनबी न जाने कौन मेरे घर के आइने बदल गया 'न'ईम' हिजरतों की रुत ने ज़ोर भी दिया मगर न बाग़ से हवा गई न झील से कँवल गया --- ✨ Poet: Naeem Akhtar Burhanpuri (नईम अख़्तर बुरहानपुरी) 🎶 Style: Traditional Urdu Tarannum / Heavy Bass Ghazal --- अगर आपको यह ग़ज़ल पसंद आई हो तो Video को LIKE करें, SHARE करें और Channel को SUBSCRIBE करना न भूलें! 🌹 #Ghazal #UrduShayari #NaeemAkhtarBurhanpuri #UrduGhazal #Mushaira #Shayari #DeepVoiceGhazal #UrduPoetry #GhazalLovers