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भारत की प्रमुख मिट्टियाँ-03 | लेटेराइट, मरुस्थलीय, पर्वतीय व दलदली मिट्टी | Special Geography |

History By Arjun

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भारत की प्रमुख मिट्टियाँ-03 | लेटेराइट, मरुस्थलीय, पर्वतीय व दलदली मिट्टी | Special Geography |

1 просмотр · 21 час назад
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​नमस्कार दोस्तों, इस वीडियो में हम Geography के अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय "भारत की प्रमुख मिट्टियाँ (Soils of India)" के तीसरे और अंतिम भाग को विस्तृत नोट्स के साथ पढ़ेंगे। यह स्पेशल भूगोल की Class-37 है, जो आपकी सभी प्रतियोगी परीक्षाओं (SSC, Railway, UPPSC व अन्य State Exams) के लिए बेहद उपयोगी है। ​इस क्लास में लेटेराइट मिट्टी (ईंट जैसी मिट्टी, उच्च तापमान व वर्षा वाले क्षेत्र, काजू-कॉफी की खेती), मरुस्थलीय मिट्टी, पर्वतीय/वनीय मिट्टी (ह्यूमस की अधिकता), पीट व दलदली मिट्टी (मैंग्रोव वन) तथा क्षारीय/ऊसर मिट्टी (रेह व कल्लर) के बारे में विस्तार से समझाया गया है। ​वीडियो को सहर्ष Like, Share और Subscribe करें! ​Topics Covered In This Video (मुख्य बिंदु): ​लेटेराइट मिट्टी (Laterite Soil): ​भारत के लगभग 3.7\% भू-भाग (1.26 लाख वर्ग किमी) पर फैली, देश की चौथी सबसे बड़ी मृदा। ​विशेषताएँ: ईंट जैसा लाल रंग (आयरन ऑक्साइड के कारण); यह ईंट बनाने के लिए सर्वाधिक उपयुक्त मिट्टी है। ​निर्माण: उच्च तापमान और अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में सिलिका के निक्षालन (Leaching) से बनती है। ​फसलें: काजू, चाय, कॉफ़ी, सुपारी और नारियल। ​विस्तार: सर्वाधिक केरल में, इसके बाद महाराष्ट्र (पश्चिमी घाट), ओडिशा तट, झारखंड की राजमहल पहाड़ियों और असम-मेघालय में। ​मरुस्थलीय/शुष्क मिट्टी (Desert Soil): ​भारत के पश्चिमी शुष्क क्षेत्रों (दक्षिणी पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात के कच्छ) में पाई जाती है। ​इसमें सॉल्ट (नमक) और फॉस्फेट की अधिकता तथा ह्यूमस व नाइट्रोजन की कमी होती है। ​मुख्य फसलें: जौ, बाजरा, मक्का और सरसों। ​पर्वतीय / वनीय मिट्टी (Mountain Soil): ​यह मिट्टी पूर्ण विकसित नहीं होती (निर्माणाधीन अवस्था में होती है); इसमें ह्यूमस की अधिकता के कारण अम्लीय गुण पाए जाते हैं। ​विस्तार: हिमालयी क्षेत्रों (जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश)। ​फसलें: सेब, नाशपाती और चाय की खेती। ​पीट एवं दलदली मिट्टी: ​अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में पाई जाने वाली काले रंग की ह्यूमसयुक्त मिट्टी, जहाँ पश्चिम बंगाल के तटीय भागों में मैंग्रोव वन पाए जाते हैं। ​क्षारीय / ऊसर मिट्टी (Alkaline Soil): ​इसे रेह, कल्लर, ऊसर, रापड़ और चोपन जैसे अन्य नामों से भी जाना जाता है, जिसमें सोडियम, पोटेशियम व मैग्नीशियम की अधिकता होती है। ​Playlist Link- 👉   • Special Geography,,   ​Your Queries: ​भारत की प्रमुख मिट्टियाँ भूगोल क्लास 37 ​लेटेराइट मिट्टी का निर्माण और काजू चाय की खेती ​पर्वतीय और मरुस्थलीय मिट्टी की विशेषताएँ ​दलदली मिट्टी और मैंग्रोव वन किस क्षेत्र में पाए जाते हैं ​क्षारीय ऊसर और रेह कल्लर मिट्टी क्या होती है ​भारत की मिट्टियाँ और उनके प्रकार ट्रिक्स ​स्पेशल भूगोल भारत की मिट्टियाँ भाग 3 ​भारत की प्रमुख मिट्टियाँ, Soils of India, लेटेराइट मिट्टी, Laterite Soil, मरुस्थलीय मिट्टी, Desert Soil, पर्वतीय मिट्टी, Mountain Soil, दलदली मिट्टी, क्षारीय मिट्टी, ऊसर मिट्टी, रेह और कल्लर, स्पेशल भूगोल, Special Geography Class 37, Geography Class 37