Перейти к содержимому

दुश्मन के घर का दामाद बनकर लौटा ‘दस दरबार’ का यमराज

क्षितिज आवाज़

0:00 / 0:00

दुश्मन के घर का दामाद बनकर लौटा ‘दस दरबार’ का यमराज

475 просмотров · 4 дня назад
क्षितिज आवाज़
37 подписчиков
475 просмотров · 4 дня назад
पाँच साल पहले जिआंग प्रांत में चू ज़े के परिवार पर झूठा इल्ज़ाम लगा और उसके माता-पिता सब कुछ खो बैठे। वह गायब हुआ तो लोगों ने समझा कि कहानी खत्म, पर परदे के पीछे वह रहस्यमय संगठन “दस दरबार” का सर्वोच्च ‘यम’ बन चुका था। अब वह लौट आया है—पहले सच, फिर बदला। घर वापसी पर उसे पता चलता है कि बहन चू हान सू खानदान के अत्याचार में जकड़ी है और मंगेतर सू छिंगहान निरंतर अपमान झेल रही है। प्रांतीय गवर्नर ची फ़ेंग का प्रस्ताव वह ठुकरा देता है; वह अपनी पहचान छिपाकर सू परिवार के ‘छोटे दामाद’ के रूप में भीतर से खेल पलटने का फ़ैसला करता है। बहन को बचाने की कोशिश में उसकी टक्कर सीधे जिआंग और सू—दोनों ताकतवर घरानों से होती है। जैसे-जैसे पुराने केस की परतें खुलती हैं, दोस्त-दुश्मन, वफ़ादारी-लाभ, सबकी सीमाएँ धुंधली होने लगती हैं। क्या चू ज़े सच को उजागर कर पाएगा बिना अपना चेहरा खोले? क्या वह अपने प्रियजनों को सुरक्षित निकाल पाएगा, और उस हाथ को पकड़ पाएगा जिसने वर्षों पहले सब कुछ साज़िश से रचा? जवाब छिपा है उसी छाया में, जहाँ न्याय और प्रतिशोध एक ही रास्ते पर चलते हैं।