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कोई अपना नहीं रहा | Koi Apna Nahi Raha | Jagjit Singh Sad Ghazal | अजीब दौर है @DilSeSur20

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कोई अपना नहीं रहा | Koi Apna Nahi Raha | Jagjit Singh Sad Ghazal | अजीब दौर है @DilSeSur20

329 просмотров · 23 часа назад
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कोई अपना नहीं रहा जगजीत सिंह जी की सबसे दर्द भरी ग़ज़ल। अजीब दौर है, कोई अपना नहीं रहा... अगर ये ग़ज़ल दिल को छू जाए तो LIKE और SUBSCRIBE ज़रूर करना।