Перейти к содержимому

LINGASHTKAM लिङ्गाष्टकम् (श्री ६ श्री गुरु श्री शिव दत्त स्मारक गड्डी,जोधपुर ) 9414849604‪@paytm‬

Rajendra Kumar Vyas Palji

0:00 / 0:00

LINGASHTKAM लिङ्गाष्टकम् (श्री ६ श्री गुरु श्री शिव दत्त स्मारक गड्डी,जोधपुर ) 9414849604‪@paytm‬

10 429 просмотров · 3 г. назад
Rajendra Kumar Vyas Palji
235 тыс. подписчиков
10 429 просмотров · 3 г. назад
॥ अथ लिङ्गाष्टकम् ॥ ब्रह्ममुरारि सुरार्चित लिङ्गं निर्मल भासित शोभित लिङ्गं । जन्मज दुःखविनाशक लिङ्गं तत्प्रणमामि सदाशिव लिङ्गं ॥१॥ देवमुनिप्रवरार्चित लिङ्गं कामदहं करुणाकर लिङ्गं । रावणदर्पविनाशन लिङ्गं तत्प्रणमामिसदाशिव लिङ्गं ॥२॥ सर्वसुगन्धि सुलेपित लिङ्गं बुद्धिविवर्धन कारण लिङ्गं । सिद्ध सुराऽसुरवन्दित लिङ्गं तत्प्रणमामिसदाशिव लिङ्गं ॥३॥ कनक महामणि भूषित लिङ्गं फणिपति वेष्टित शोभित लिङ्गं । दक्षसुयज्ञ विनाशक लिङ्गं तत्प्रणमामि सदाशिव लिङ्गं ॥४॥ कुंकुम चन्दनलेपित लिङ्गं पङ्कजहार सुशोभित लिङ्गं । सञ्चित पापविनाशन लिङ्गं तत्प्रणमामि सदाशिव लिङ्गं ॥५॥ देवगणार्चित सेवित लिङ्गं भावैर्भक्तिभिरेव च लिङ्गं । दिनकरकोटि प्रभाकर लिङ्गं तत्प्रणमामि सदाशिव लिङ्गं ॥६ ॥ अष्टदलोपरिवेष्टित लिङ्गं सर्वसमुद्भवकारण लिङ्गं । अष्टदरिद्र विनाशन लिङ्गं तत्प्रणमामि सदाशिव लिङ्गं ॥७॥ सुरगुरु सुरवर पूजित लिङ्गं सुरवनपुष्प सदार्चित लिङ्गं । परात्परं परमात्मक लिङ्गं तत्प्रणमामि सदाशिव लिङ्गं ॥८॥ लिङ्गाष्टकमिदंपुण्यं यः पठेच्छिवसन्निधौ । शिवलोकमवाप्नोतिशिवेनसहमोदते॥९ ॥ ॥ इति श्री लिङ्गाष्टकस्तोत्रं सम्पूर्णम् ॥