Перейти к содержимому

मानस-प्रबोध | मनाचे श्लोक क्रमांक - । ६७ | निरुपणकार - श्री. विनीत जोशी

Shree Chaitanya Ram

0:00 / 0:00

मानस-प्रबोध | मनाचे श्लोक क्रमांक - । ६७ | निरुपणकार - श्री. विनीत जोशी

1 267 просмотров · 2 месяца назад
Shree Chaitanya Ram
19,6 тыс. подписчиков
1 267 просмотров · 2 месяца назад
घन:श्याम हा राम लावण्यरूपी | महाधीर गंभीर पूर्णप्रतापी | करी संकटी सेवकाचा कुडावा | प्रभाते मनी राम चिंतीत जावा | |६७| |