Yatha Vishwam | यथा विश्वं तथा देहः Rigveda 10.90-Universe Resides Within Me(Sanskrit + Hindi)
Samveda Decoded
0:00 / 0:00
Yatha Vishwam | यथा विश्वं तथा देहः Rigveda 10.90-Universe Resides Within Me(Sanskrit + Hindi)
377 просмотров · 2 недели назад
Samveda Decoded
156 подписчиков
377 просмотров · 2 недели назад
यथा विश्वं तथा देहः — जैसा विश्व, वैसा ही तन।
एक धीमा, ध्यानमय संस्कृत मंत्र-चिंतन, जो मानव और ब्रह्मांड की एकता, ज्योति, प्राण, आकाश और आत्म-चिंतन की यात्रा को अभिव्यक्त करता है।
यह रचना Rigvedic philosophy से प्रेरित original Sanskrit verses है; यह Rigveda का शाब्दिक पाठ नहीं है।
Lyrics:
यथा विश्वं तथा देहः ।
यथा देहस्तथा विश्वम् ॥
यद् बाह्यं तदन्तरं ।
यदन्तरं तद् विश्वम् ॥
जैसा विश्व, वैसा ही तन,
जैसा तन, वैसा ही विश्व।
जो बाहर है, वही भीतर,
जो भीतर है, वही विश्व।
एकं सत्यं बहुरूपम् ।
एकं ज्योतिः बहुदीपम् ॥
एकः प्राणः बहुजीवाः ।
एकमाकाशं सर्वतः ॥
सत्य एक है, रूप अनेक,
ज्योति एक है, दीप अनेक।
प्राण एक है, जीव अनेक,
एक आकाश है सर्वत्र।
अन्तर्ज्योतिः बहिर्ज्योतिः ।
ज्योतिर् ज्योतिः सनातनम् ॥
पिण्डे विश्वं, विश्वे पिण्डम् ।
विश्वं मय्यपि संस्थितम् ॥
भीतर ज्योति, बाहर ज्योति,
ज्योति की ज्योति सनातन।
तन में विश्व, विश्व में तन,
विश्व हमारे भीतर भी।
प्राणो विश्वस्य जीवनम् ।
प्राणो देहस्य जीवनम् ॥
यः प्राणः अन्तर् धावति ।
स एव विश्वे प्रवर्तते ॥
प्राण ही विश्व का जीवन,
प्राण ही तन का जीवन।
जो प्राण भीतर बहता है,
वही विश्व में चलता है।
कोऽहम्? कुतः? क्व गच्छामि?
कस्येदं जगद् विशालम्?
आत्मानं पृच्छे नित्यम् ।
सत्यं पन्थानमन्विष्य ॥
मैं कौन हूँ? कहाँ से आया?
यह जग किसका विस्तार?
हर दिन खुद से प्रश्न करो,
सत्य की खोज करो अपार।
न पूर्वं ज्ञातं, न परं ज्ञातम् ।
कुतो जातं जगदिदम्? ॥
को वेद मूलं, को वेद अन्तम्?
मौनं तत्र परमं पदम् ॥
न आदि जाना, न अंत जाना,
कहाँ से आया यह संसार?
जहाँ ज्ञान भी मौन हो जाए,
वहीं रहस्य अपार।
अहं न केवलो देहः ।
अहं विश्वस्य अंशकः ॥
विश्वं न केवलं बाह्यम् ।
विश्वं मय्यपि संस्थितम् ॥
मैं केवल यह देह नहीं,
विश्व का ही एक अंश हूँ।
विश्व केवल बाहर नहीं,
मेरे भीतर भी स्थित है।
एकं सत्यम् ।
एकं ज्योतिः ।
एकः प्राणः ।
एकमाकाशम् ॥
एकं सत्यम् ।
एकं विश्वम् ॥
ॐ शान्तिः ।
ॐ शान्तिः ।
ॐ शान्तिः ॥
Listen slowly. Breathe deeply. Let the questions remain unanswered.
#VedicChant #SanskritChant #Rigveda #VedicPhilosophy #Meditation #OmShanti #SanskritMantra #IndianPhilosophy #CosmicMeditation #VedicMeditation #SanatanWisdom