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Yatha Vishwam | यथा विश्वं तथा देहः Rigveda 10.90-Universe Resides Within Me(Sanskrit + Hindi)

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Yatha Vishwam | यथा विश्वं तथा देहः Rigveda 10.90-Universe Resides Within Me(Sanskrit + Hindi)

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यथा विश्वं तथा देहः — जैसा विश्व, वैसा ही तन। एक धीमा, ध्यानमय संस्कृत मंत्र-चिंतन, जो मानव और ब्रह्मांड की एकता, ज्योति, प्राण, आकाश और आत्म-चिंतन की यात्रा को अभिव्यक्त करता है। यह रचना Rigvedic philosophy से प्रेरित original Sanskrit verses है; यह Rigveda का शाब्दिक पाठ नहीं है। Lyrics: यथा विश्वं तथा देहः । यथा देहस्तथा विश्वम् ॥ यद् बाह्यं तदन्तरं । यदन्तरं तद् विश्वम् ॥ जैसा विश्व, वैसा ही तन, जैसा तन, वैसा ही विश्व। जो बाहर है, वही भीतर, जो भीतर है, वही विश्व। एकं सत्यं बहुरूपम् । एकं ज्योतिः बहुदीपम् ॥ एकः प्राणः बहुजीवाः । एकमाकाशं सर्वतः ॥ सत्य एक है, रूप अनेक, ज्योति एक है, दीप अनेक। प्राण एक है, जीव अनेक, एक आकाश है सर्वत्र। अन्तर्ज्योतिः बहिर्ज्योतिः । ज्योतिर् ज्योतिः सनातनम् ॥ पिण्डे विश्वं, विश्वे पिण्डम् । विश्वं मय्यपि संस्थितम् ॥ भीतर ज्योति, बाहर ज्योति, ज्योति की ज्योति सनातन। तन में विश्व, विश्व में तन, विश्व हमारे भीतर भी। प्राणो विश्वस्य जीवनम् । प्राणो देहस्य जीवनम् ॥ यः प्राणः अन्तर् धावति । स एव विश्वे प्रवर्तते ॥ प्राण ही विश्व का जीवन, प्राण ही तन का जीवन। जो प्राण भीतर बहता है, वही विश्व में चलता है। कोऽहम्? कुतः? क्व गच्छामि? कस्येदं जगद् विशालम्? आत्मानं पृच्छे नित्यम् । सत्यं पन्थानमन्विष्य ॥ मैं कौन हूँ? कहाँ से आया? यह जग किसका विस्तार? हर दिन खुद से प्रश्न करो, सत्य की खोज करो अपार। न पूर्वं ज्ञातं, न परं ज्ञातम् । कुतो जातं जगदिदम्? ॥ को वेद मूलं, को वेद अन्तम्? मौनं तत्र परमं पदम् ॥ न आदि जाना, न अंत जाना, कहाँ से आया यह संसार? जहाँ ज्ञान भी मौन हो जाए, वहीं रहस्य अपार। अहं न केवलो देहः । अहं विश्वस्य अंशकः ॥ विश्वं न केवलं बाह्यम् । विश्वं मय्यपि संस्थितम् ॥ मैं केवल यह देह नहीं, विश्व का ही एक अंश हूँ। विश्व केवल बाहर नहीं, मेरे भीतर भी स्थित है। एकं सत्यम् । एकं ज्योतिः । एकः प्राणः । एकमाकाशम् ॥ एकं सत्यम् । एकं विश्वम् ॥ ॐ शान्तिः । ॐ शान्तिः । ॐ शान्तिः ॥ Listen slowly. Breathe deeply. Let the questions remain unanswered. #VedicChant #SanskritChant #Rigveda #VedicPhilosophy #Meditation #OmShanti #SanskritMantra #IndianPhilosophy #CosmicMeditation #VedicMeditation #SanatanWisdom