Перейти к содержимому

"धर्म सेनापति सारिपुत्र का सिंहनाद ! जब एक गाथा से 9,000 भिक्षु बने अरहंत | Bhante Dhammasen

Samyaksaṃbodhi

0:00 / 0:00

"धर्म सेनापति सारिपुत्र का सिंहनाद ! जब एक गाथा से 9,000 भिक्षु बने अरहंत | Bhante Dhammasen

1 308 просмотров · 4 нед. назад
Samyaksaṃbodhi
46,3 тыс. подписчиков
1 308 просмотров · 4 нед. назад
नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मासम्बुद्धस्स 🙏 'Samyaksaṃbodhi' चैनल पर पूज्य भंते धम्मसेन जी द्वारा धम्मपद अट्टकथा की अत्यंत मार्मिक और प्रेरणादायक कथा की देशना दी गई है — "धर्म सेनापति सारिपुत्र का सिंहनाद और क्षमा की पराकाष्ठा"। वर्षावास की समाप्ति पर जब सारिपुत्र भंते चारिका के लिए प्रस्थान कर रहे थे, तब एक भिक्षु ने नाम-गोत्र न जानने के कारण द्वेषवश उन पर काया भेदन (शारीरिक प्रहार) और बिना क्षमा माँगे चले जाने का झूठा लांछन लगा दिया। तथागत बुद्ध के सम्मुख जब सारिपुत्र उपस्थित हुए, तो उन्होंने किसी पर दोष नहीं मढ़ा, बल्कि पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और सींग टूटे वृषभ के 9 उपमान देकर अपने वीतराग चित्त का ऐसा सिंहनाद किया कि संपूर्ण पृथ्वी कंपित हो उठी! 📌 इस वीडियो में आप जानेंगे: • वर्षावास और चारिका के नियम तथा भिक्षुओं का पारस्परिक आदर। • नाम न लेने पर उत्पन्न होने वाला सूक्ष्म बैर और अहंकार। • चीवर (संघाटी) के स्पर्श को प्रहार मानकर बुद्ध से झूठी शिकायत। • सारिपुत्र का महा-सिंहनाद: पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और शांत चित्त के 9 दृष्टांत। • झूठे आरोप का दुष्परिणाम: द्वेषी भिक्षु के शरीर में दाह और सिर फटने की चेतावनी। • विनम्रता की पराकाष्ठा: निर्दोष होते हुए भी घुटने टेककर क्षमा देना और क्षमा माँगना। • धम्मपद गाथा (पठवीसमो नो विरुज्झति...) और 9,000 भिक्षुओं का अरहंत पद पाना। ⏱️ मुख्य विषय और टाइमस्टैम्प्स (Timestamps): [00:00:08] - वंदना एवं अग्रश्रावक सारिपुत्र के प्रज्ञा-गुणों का परिचय [00:04:10] - वर्षावास की समाप्ति, चारिका का नियम और भिक्षुओं का प्रस्थान [00:08:15] - नाम-गोत्र न जानने पर भिक्षु के मन में उत्पन्न हुआ सूक्ष्म द्वेष [00:11:45] - चीवर का स्पर्श और बुद्ध के सम्मुख मर्मभेदन का झूठा लांछन [00:15:50] - बुद्ध द्वारा सारिपुत्र को बुलावा: सिंहनाद सुनने का ऐतिहासिक अवसर [00:19:15] - सारिपुत्र का सिंहनाद: पृथ्वी, जल, अग्नि और वायु के समान समता भाव [00:25:10] - सींग टूटे वृषभ और मृत सर्प का उपमान: वीतराग चित्त की अवस्था [00:27:45] - पृथ्वी का कंपन और निर्दोष सत्य का प्रकटीकरण [00:30:45] - द्वेषी भिक्षु के शरीर में अग्नि-दाह और बुद्ध की चेतावनी [00:33:45] - निर्दोष होकर भी उकडु बैठकर क्षमा याचना: संघ का सर्वोच्च गौरव [00:36:30] - तथागत द्वारा धम्मपद गाथा की देशना और 9,000 भिक्षुओं का अरहंत बनना यदि आपको यह धम्म देशना और सारिपुत्र भंते जी का क्षमा भाव प्रेरणादायक लगा हो, तो कृपया वीडियो को Like करें, Share करें और चैनल को Subscribe करना न भूलें। भवतु सब्ब मंगलं! ☸️ #Sariputra #BhanteDhammasen #Samyaksambodhi #BuddhaDhamma #Dhammapada #BuddhismInHindi #KshamaBhav #ArhatSariputta #DhammaDeshana