Перейти к содержимому

श्रीमद्भगवद्गीता माहात्म्य अध्याय 11 | गीता पाठ से राक्षस का उद्धार | Gita Mahatmya Chapter 11

NEHA SHARMA

0:00 / 0:00

श्रीमद्भगवद्गीता माहात्म्य अध्याय 11 | गीता पाठ से राक्षस का उद्धार | Gita Mahatmya Chapter 11

73 просмотра · 6 дн. назад
NEHA SHARMA
282 подписчика
73 просмотра · 6 дн. назад
श्रीमद्भगवद्गीता माहात्म्य के ग्यारहवें अध्याय में भगवान शिव माता पार्वती को गीता के विश्व रूप दर्शन योग की अद्भुत महिमा बताते हैं। इस कथा में सुनन्द नामक ब्राह्मण, एक भयंकर राक्षस, ग्रामाध्यक्ष और उसके पुत्र की मार्मिक कथा आती है। सुनन्द प्रतिदिन श्रीमद्भगवद्गीता के ग्यारहवें अध्याय का पाठ करते थे। एक यात्रा के दौरान उनका सामना ऐसी घटना से होता है, जिसमें एक राक्षस के कारण कई यात्रियों का जीवन समाप्त हो जाता है। लेकिन उस राक्षस के उद्धार का मार्ग भी गीता के इसी अध्याय की महिमा से जुड़ा हुआ था। जब सुनन्द गीता के ग्यारहवें अध्याय का पाठ करके पवित्र जल राक्षस पर छिड़कते हैं, तो वह अपने राक्षस-रूप से मुक्त होकर दिव्य स्वरूप प्राप्त करता है। कथा हमें सत्संग, गीता-पाठ, कर्म के फल और भगवान के विश्वरूप के स्मरण की महिमा का संदेश देती है। 🙏 पितृपक्ष के इस पावन अवसर पर गीता माहात्म्य का श्रवण एवं मनन करें। ॥ श्रीकृष्णार्पणमस्तु ॥ #गीता_माहात्म्य #भगवद्गीता #अध्याय11 #GitaMahatmya #BhagavadGita #विश्व रूपदर्शन #विश्वरूपदर्शनयोग #गीता_पाठ #पितृपक्ष #श्रीकृष्ण #सनातनधर्म #भक्ति #SanatanDharma