#छठ #गीत। #छठ #पूजा #गीत #2026। गरीब के सहारा बनिह माई।New Chhath song।#trend #ट्रेंडिंग #छठ #song
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जय छठी मैया | सुपरहिट छठ गीत 2026 (नया छठ गीत)
विवरण:
आस्था, पवित्रता और सूर्य उपासना के महापर्व छठ पूजा के पावन अवसर पर आप सभी के लिए प्रस्तुत है यह बेहद सुरीला और भक्तिमय छठ गीत। छठी मैया और भगवान भास्कर (सूर्य देव) की कृपा आप और आपके पूरे परिवार पर सदा बनी रहे।
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छठ मैया के महिमा और एक गरीब परिवार के लाचारी के दर्शावत ई एक बहुत ही भावुक और मधुर भोजपुरी छठ गीत बा। एकरा के आप कौनों सुरीली महिला गायिका के आवाज में महसूस कर सकत बानी।
गीत के बोल: "छठी माई के आस"
(कोरस / संगीत के धुन - बांसुरी के धीमा और करुण आवाज)
(स्थाई - महिला गायिका)दुखवा के कइसे सुनाईं छठी माई,घरवा में अन्न के ना बाटे एको दाना।तीन-तीन गो ललना हमार भूखले सुतेले,कइसे उठाईं माई रउआ ला अरघिया...कइसे उठाईं माई रउआ ला अरघिया... ||
(अंतरा 1)सेंव और संतरा, केरा के घवदवा,कतहीं ना दीखता उखवा के बनिया।जोड़े-जोड़े नरियल हम कतवा से लाईं,कांचे-कांचे फलवा के कइसे सजाईं।दोनों परानी माई रोई-रोई हारे,केहू ना सहारा बाटे ए छठी मैया...केहू ना सहारा बाटे ए छठी मैया... ||
(अंतरा 2)दुनिया तS सजल बाटे दउरा और सूप से,हमार अंगनवा में पसरेल अन्हरिया।पियरी उढ़ाय के तोहके कइसे गोहराईं,माटी के दीया में कइसे तेलवा जलाईं।गरीबी के मार माई सहलो ना जाला,लाज अब बचइहूँ रउहे छठी मैया...लाज अब बचइहूँ रउहे छठी मैया... ||
(कथा / भावुक अंत - संगीत धीमा हो जाला)रउआ तS जानििला माई सभकर दरदिया,ई गरीब तS खाली रउरे आस में बइठल बा...सेंव-केरा ना तS का भइल, अखियां के लोर से अरघ देबे,कठिन इ बरतिया माई पार लगइहूँ...पार लगइहूँ माई... पार लगइहूँ... ||
अंतरा 3 - करुण स्वर बदल के अब थोड़ा संभलत और आस बंधावत)
रोवत-बिलखत भइल भोर के बेरिया,
छठ घाटे पहुंचलीं ऊ खाली हाथे।
अखियां में लोर और गोदी में ललना,
मइया के आस में ठाढ़ भइलीं जल में।
तभे भइल कवनो अचरज पुरनिया,
माई के कृपा कइलीं छठी मैया...
माई के कृपा कइलीं छठी मैया... ||
(अंतरा 4 - सुखद मोड़ - संगीत में ढोलक और मंजीरा के उत्साहजनक धुन)
राह चलत एक राहगीर अइले,
भरल-पूरल दउरा ऊ संगे ले अइले।
सेंव, केरा, नारंगी, उखवा के जोड़ा,
गरीब के अंचरा में सभ कुछ ऊ दे देले।
बोलि उठले राहगीर—"ई माई के परसाद बा,
रउआ कइहीं बरतिया, छठी माई साथे बाड़ी..." ||
(अंतिम अंतरा - खुशी और कृतज्ञता के भाव)
हंसि उठले ललना और जूड़ भइल छतिया,
धन्-धन् भइलीं माई, धन भइलीं मइया।
जोड़े-जोड़े नरियल से अरघिया उठवले,
रोअत जे अइले, ऊ हंसत घरे गइले।
सभकर बिपत्ति काटेलीं छठी माई,
महिमा अपार बाटे ए छठी मैया...
महिमा अपार बाटे ए छठी मैया... ||
(जयकारा - तेज और भक्तिमय संगीत)
बोलीं छठी मैया की जय!
छठ मैया के महिमा और एक गरीब परिवार के लाचारी के दर्शावत ई एक बहुत ही भावुक और मधुर भोजपुरी छठ गीत बा। एकरा के आप कौनों सुरीली महिला गायिका के आवाज में महसूस कर सकत बानी।
गीत के बोल: "छठी माई के आस"
(कोरस / संगीत के धुन - बांसुरी के धीमा और करुण आवाज)
(स्थाई - महिला गायिका)दुखवा के कइसे सुनाईं छठी माई,घरवा में अन्न के ना बाटे एको दाना।तीन-तीन गो ललना हमार भूखले सुतेले,कइसे उठाईं माई रउआ ला अरघिया...कइसे उठाईं माई रउआ ला अरघिया... ||
(अंतरा 1)सेंव और संतरा, केरा के घवदवा,कतहीं ना दीखता उखवा के बनिया।जोड़े-जोड़े नरियल हम कतवा से लाईं,कांचे-कांचे फलवा के कइसे सजाईं।दोनों परानी माई रोई-रोई हारे,केहू ना सहारा बाटे ए छठी मैया...केहू ना सहारा बाटे ए छठी मैया... ||
(अंतरा 2)दुनिया तS सजल बाटे दउरा और सूप से,हमार अंगनवा में पसरेल अन्हरिया।पियरी उढ़ाय के तोहके कइसे गोहराईं,माटी के दीया में कइसे तेलवा जलाईं।गरीबी के मार माई सहलो ना जाला,लाज अब बचइहूँ रउहे छठी मैया...लाज अब बचइहूँ रउहे छठी मैया... ||
(कथा / भावुक अंत - संगीत धीमा हो जाला)रउआ तS जानििला माई सभकर दरदिया,ई गरीब तS खाली रउरे आस में बइठल बा...सेंव-केरा ना तS का भइल, अखियां के लोर से अरघ देबे,कठिन इ बरतिया माई पार लगइहूँ...पार लगइहूँ माई... पार लगइहूँ... ||
अंतरा 3 - करुण स्वर बदल के अब थोड़ा संभलत और आस बंधावत)
रोवत-बिलखत भइल भोर के बेरिया,
छठ घाटे पहुंचलीं ऊ खाली हाथे।
अखियां में लोर और गोदी में ललना,
मइया के आस में ठाढ़ भइलीं जल में।
तभे भइल कवनो अचरज पुरनिया,
माई के कृपा कइलीं छठी मैया...
माई के कृपा कइलीं छठी मैया... ||
(अंतरा 4 - सुखद मोड़ - संगीत में ढोलक और मंजीरा के उत्साहजनक धुन)
राह चलत एक राहगीर अइले,
भरल-पूरल दउरा ऊ संगे ले अइले।
सेंव, केरा, नारंगी, उखवा के जोड़ा,
गरीब के अंचरा में सभ कुछ ऊ दे देले।
बोलि उठले राहगीर—"ई माई के परसाद बा,
रउआ कइहीं बरतिया, छठी माई साथे बाड़ी..." ||
(अंतिम अंतरा - खुशी और कृतज्ञता के भाव)
हंसि उठले ललना और जूड़ भइल छतिया,
धन्-धन् भइलीं माई, धन भइलीं मइया।
जोड़े-जोड़े नरियल से अरघिया उठवले,
रोअत जे अइले, ऊ हंसत घरे गइले।
सभकर बिपत्ति काटेलीं छठी माई,
महिमा अपार बाटे ए छठी मैया...
महिमा अपार बाटे ए छठी मैया... ||
(जयकारा - तेज और भक्तिमय संगीत)
बोलीं छठी मैया की जय!
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