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नंगली वाली कुटिया कुरूक्षेत्र || बाबा जी का बहुत सुंदर नंगली भजन || श्री अनंत मीडिया प्रस्तुति ||

SHRI ANANT MEDIA

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नंगली वाली कुटिया कुरूक्षेत्र || बाबा जी का बहुत सुंदर नंगली भजन || श्री अनंत मीडिया प्रस्तुति ||

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बाबा जी का ये भजन आपको रूहानी दुनियां की सैर करा देगा। Many Great saints have established their Aashrams In India, Kurukshetra is also one of those holi cities, where spiritual places are in number of. And one of those precious Spiritual places is Shri Advait Swaroop Aashram Kurukshetra. It is established by the Great Saint, Shri Anant Prakash Nand Puri ji, who was a prominent disciple of Shri Swaroopanand Ji, MAHARAJ, Who established an Aashram at NANGLI SAHIB, and many more Aashrams are in the name of SSDN and Nangli Darbaar. Shri Advait Swaroop Aashram Kurukshetra is a prominent place for the disciples of Shri Guru Maharaj Ji, Shri Swami Anant Parkasha Nand Puri Ji, And efficiently run by 2 saints Shri Maharaj Sant Prakash Puri Ji and Baba Ji (Sant Agam Puri Ji.) In this video Baba ji is singing a melodious Bhajan and his devotees are dancing on the beats. Thank you for watching. कुरूक्षेत्र के राम निवास सुपुत्र श्री शिव लाल एवं कृष्ण कुमार ने एक भजन कीर्तन मंडली की शुरुआत की धीरे-धीरे उसने ऐसे साथियों का एक मंडल बनाया जो हरमोनियम तबला सारंगी ढोलक बांसुरी आदि संगीत यंत्र बजा सकता था फिर उससे बहुत सुंदर सुंदर भजन सुंदर-सुंदर कीर्तन शब्द सत्संग करने वाले साधु संतों देवियों से संपर्क करना शुरू किया, तो इस प्रकार उसके कीर्तन मंडली गांव गांव शहर शहर भारत के मधुर संगीत भजन रागिनी गाने सप्त सुरों के साथ बड़े-बड़े शहरों में भजन कीर्तन करने लगी। उत्सव, सांग नृत्य, श्री कृष्ण लीला, रसिया, राधा कृष्ण की रासलीलाएं, गीता जयंती समारोह,आदि कार्यक्रमों में उनका आना-जाना होने लगा बहुत सारे संत समाज, बड़े-बड़े संत जैसे राधा स्वामी सत्संग ब्यास श्री अद्वैत स्वरूप आश्रम, नंगली भजन मंडल, नंगली साहिब, मंदिरों,गुरुद्वारों, आदि में उनकी चर्चा होने लगी।यहां तक की श्री मुरारी बापू,अमोघ लीला प्रभु, इस्कॉन मंदिर, सद्गुरु जग्गी वासुदेव, महात्मा ब्रह्म ध्यान, आनंदमठ, ब्रह्मकुमारी,श्री सतगुरु देवाय नमः,अर्थात एस एस डी एन, नंगली साहिब, बंगला साहिब गुरुद्वारा, छटि पातशाही गुरुद्वारा, नांदेड़ साहब, हरमंदर साहब, श्री गुरु नानक देव जी, गुरु गोविंद सिंह जी,आदि के धार्मिक स्थानों, गुरुद्वारों,आदि स्थानों पर उनके कार्यक्रम रखे जाने लगे।भारत के लगभग हर बड़े शहर जैसे चंडीगढ़ दिल्ली अहमदाबाद मुंबई चेन्नई सभी शहरों में उनकी हवाई यात्राएं होने लगी। उनका कीर्तन मंडल सभी प्रकार के भजन जैसे शिवजी के भजन, श्री रामचंद्र जी के भजन, हनुमान चालीसा,रामायण,गीता, महाभारत सुश्रुत संहिता, माता की भेटें, और श्री नंगली वाले के भजन, सभी करने लगा। बहुत बड़े-बड़े संत जैसे मुरारी बापू ओझा बाबा रामदेव देवी चित्रलेखा आदि उनके मुरीद बन गए।।