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श्री गणेशाष्टकम् Shri Ganesh Ashtakam for Stress Relief & Focus | 8 Powerful Verses to Lord Ganesha

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श्री गणेशाष्टकम् Shri Ganesh Ashtakam for Stress Relief & Focus | 8 Powerful Verses to Lord Ganesha

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श्री गणेशाष्टकम् The Shri Ganeshashtakam is a profound eight-verse hymn honouring Lord Ganesha not just as the remover of obstacles, but as the very source of the universe from whom all beings, elements, gods, and worlds arise, and who exists beyond even the reach of the Vedas' words, described only as "Neti Neti" — that which cannot be fully described. यतोऽनन्त शक्तेरनन्ताश्च जीवा यतो निर्गुणादप्रमेया गुणास्ते। यतो भाति सर्वं त्रिधा भेदभिन्नं सदा तं गणेशं नमामो भजामः अर्थ: जिन अनंत शक्ति वाले परमेश्वर से इस संसार के अनंत जीवों की उत्पत्ति हुई है; जो स्वयं निर्गुण हैं, परंतु जिनसे संसार के सभी अद्भुत और अप्रमेय गुण प्रकट होते हैं; और जिनकी इच्छा से यह संपूर्ण संसार तीन गुणों और तीन भेदों में विभाजित होकर दिखाई देता है, उन भगवान गणेश को हम सदा नमन करते हैं और उनका भजन करते हैं। यतश्चाविरासीज्जगत्सर्वमेतत् तथाऽब्जासनोविश्वगो विश्वगोप्ता। तथेन्द्रादयो देवसङ्घा मनुष्याःसदा तं गणेशं नमामो भजामः अर्थ: जिनसे यह संपूर्ण ब्रह्मांड प्रकट हुआ है; जिनसे कमल के आसन पर बैठने वाले ब्रह्मा जी, पूरे विश्व में व्याप्त रहने वाले विष्णु जी और संसार की रक्षा करने वाले शिव जी प्रकट हुए हैं; तथा जिनसे इंद्र आदि देवताओं के समूह और समस्त मनुष्यों की रचना हुई है, उन भगवान गणेश को हम सदा नमन करते हैं और उनका भजन करते हैं। यतो वह्निभानू भवो भूर्जलं चयतः सागराश्चन्द्रमा व्योम वायुः। यतः स्थावरा जङ्गमा वृक्षसङ्घा सदा तं गणेशं नमामो भजामः अर्थ: जिनसे अग्नि, सूर्य, शिव, पृथ्वी और जल की उत्पत्ति हुई है; जिनसे महासागर, चंद्रमा, आकाश और वायु उत्पन्न हुए हैं; तथा जिनसे इस पृथ्वी के सभी जड़, चेतन और वृक्षों के समूह बने हैं, उन भगवान गणेश को हम सदा नमन करते हैं और उनका भजन करते हैं। यतो दानवाः किन्नरा यक्षसङ्घा यतश्चारणा वारणाः श्वापदाश्च। यतः पक्षिकीटा यतो वीरूधश्च सदा तं गणेशं नमामो भजामः अर्थ: जिनसे दानव, किन्नर और यक्षों के समूह उत्पन्न हुए हैं; जिनसे चारण, हाथी और हिंसक पशु पैदा हुए हैं; तथा जिनसे सभी पक्षी, कीट-पतंगे और लताएं-वनस्पतियां अस्तित्व में आई हैं, उन भगवान गणेश को हम सदा नमन करते हैं और उनका भजन करते हैं। यतो बुद्धिरज्ञाननाशो मुमुक्षोर्यतः सम्पदो भक्तसन्तोषिकाः स्युः। यतो विघ्ननाशो यतः कार्यसिद्धिः सदा तं गणेशं नमामो भजामः अर्थ: जिनसे मोक्ष चाहने वाले मनुष्यों को सद्बुद्धि मिलती है और उनके अज्ञान का नाश होता है; जिनसे भक्तों को संतुष्ट और सुखी करने वाली दिव्य संपत्तियों की प्राप्ति होती है; और जिनसे जीवन के सभी संकटों व विघ्नों का नाश होता है तथा हर कार्य में सफलता मिलती है, उन भगवान गणेश को हम सदा नमन करते हैं और उनका भजन करते हैं। यतः पुत्रसम्पद्यतो वाञ्छितार्थो यतोऽभक्तविघ्नास्तथाऽनेकरूपाः। यतः शोकमोहौ यतः काम एव सदा तं गणेशं नमामो भजामः अर्थ: जिनसे सुयोग्य संतान और मनचाही इच्छाओं की पूर्ति होती है; जो भक्ति न करने वालों के मार्ग में अनेक प्रकार की बाधाएं और विघ्न उत्पन्न करते हैं; और जिनसे संसार के नियम के अनुसार शोक, मोह और कामनाओं का चक्र चलता है, उन भगवान गणेश को हम सदा नमन करते हैं और उनका भजन करते हैं यतोऽनन्तशक्तिः स शेषो बभूव धराधारणेऽनेकरूपे च शक्तः। यतोऽनेकधा स्वर्गलोका हि नाना सदा तं गणेशं नमामो भजामः अर्थ: जिनकी दी हुई अनंत शक्ति से संपन्न होकर ही वे शेषनाग उत्पन्न हुए जो अपने अनेक रूपों से इस पूरी पृथ्वी को धारण करने में समर्थ हैं; और जिनसे विभिन्न प्रकार के नाना स्वर्गलोकों और दिव्य भुवनों की रचना हुई है, उन भगवान गणेश को हम सदा नमन करते हैं और उनका भजन करते हैं। यतो वेदवाचो विकुण्ठा मनोभिः सदा नेति नेतीति यत्ता गृणन्ति। परब्रह्मरूपं चिदानन्दभूतं सदा तं गणेशं नमामो भजामः अर्थ: जहाँ पहुँचकर वेदों की वाणी भी रुक जाती है और मनुष्य का मन भी जिनकी महिमा को पूरी तरह समझने में असमर्थ है; वेद और उपनिषद भी सदा 'नेति-नेति' कहकर जिनका गुणगान करते हैं; जो साक्षात् परब्रह्म स्वरूप हैं और परम आनंद व चेतना से युक्त हैं, उन भगवान गणेश को हम सदा नमन करते हैं और उनका भजन करते हैं। Each verse expands the vision of Ganesha as the ultimate reality: the origin of Brahma, Vishnu, and Shiva; the source of fire, sun, oceans, and sky; the giver of wisdom to those seeking liberation; the remover of obstacles and grantor of success; and finally, the formless, blissful consciousness (Chidananda) that even sacred scripture struggles to fully capture. Benefits of Chanting : 🧠 Reduces Stress Instantly: regulates the amygdala, lowering cortisol levels 🧘 Calms the Overactive Mind: the repetitive rhythm quiets the "monkey mind" and reduces anxiety 🎯 Enhances Focus & Memory: activates the frontal cortex, sharpening concentration and cognitive function 😊 Releases Happy Hormones: triggers endorphins and dopamine, elevating mood 💓 Stimulates the Vagus Nerve: activates the parasympathetic nervous system, telling the body to rest, digest, and heal ⚡ Balances the Chakras: Sanskrit mantra frequencies vibrate at the body's energy centers, clearing blockages This chant is composed and voiced using AI as part of Modern Dhun — reimagining traditional mantras and folk music with modern production, made with respect for the tradition. 🎶🕉️ 🎧 Subscribe for more mantras and chants:    / @moderndhunindia   #GaneshAshtakam #GanpatiBappa #ModernDhun Disclaimer: This video contains AI-generated vocals and music, created with respect for the tradition of this composition.