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छहढाला पहली ढाल छंद 9 व 10 का अर्थ सहित स्वाध्याय

Ar. Manish Jain Luhadia

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छहढाला पहली ढाल छंद 9 व 10 का अर्थ सहित स्वाध्याय

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Ar. Manish Jain Luhadia
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तहाँ भूमि परसत दुख इसो, बिच्छू सहस डसै नहिं तिसो । तहाँ राधश्रोणित-वाहिनी, कृमिकुलकलित देह-दाहिनी ॥9॥ सेमर-तरु- दल जुत असिपत्र, असि ज्यों देह विदारें तत्र । मेरु समान लोह गलि जाय, ऐसी शीत उष्णता थाय ॥10॥ छंद 9 व 10 पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) https://forms.gle/b9mKLikWWFVzFiwZA for more details अधिक जानकारी के लिए visit https://frontdesk.co.in/jainism/chah-...