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LIVE : जय अम्बे गौरी | Ambeji ki Aarti | Om Jai Ambe Gauri | Adya Shakti | नवरात्रि विशेष आरती

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जय अम्बे गौरी | Ambeji ki Aarti | Om Jai Ambe Gauri | Adya Shakti | नवरात्रि विशेष आरती जय अम्बे गौरी | Ambeji ki Aarti | Om Jai Ambe Gauri | Adya Shakti | नवरात्रि विशेष आरती LIVE : जय अम्बे गौरी | Ambeji ki Aarti | Om Jai Ambe Gauri | Adya Shakti | नवरात्रि विशेष आरती LIVE : जय अम्बे गौरी | Ambeji ki Aarti | Om Jai Ambe Gauri | Adya Shakti | नवरात्रि विशेष आरती _________________________________________________ #jaiambegauriaarti #omjaiambeygauri #arti #navratrispecial #navrati_status_video #artilyrics #godessdurga #ambejikiaarti #ambetuhaijagdambekaliarti #durgamata #durgamaasongs #durgamaaarti #adyashakti #adyashaktiofficial #adyashaktikagana #adyashaktibhajan #jaiambegauri #livebhajan #livearti _________________________________________________ Call or WhatsApp for Booking of Show's ☏ + 919934262535 Song Credits : 💛 ► Song :- जय अम्बे गौरी ► Singer :- Adya Shakti ► Lyrics :- Traditional ► Music :- Ravi Raj Deva ► Video and Editing :- Ashutosh ► producer :- Karuna kumari ► Label / Company :- Adya Shakti Official ► Production :- Adya Shakti Official ► Special Thanks :- A.K Vidyarthi , Karuna Vidyarthi _________________________________________________ जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी । तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी ॥ ॐ जय अम्बे गौरी..॥ मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को । उज्ज्वल से दोउ नैना, चंद्रवदन नीको ॥ ॐ जय अम्बे गौरी..॥ कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै । रक्तपुष्प गल माला, कंठन पर साजै ॥ ॐ जय अम्बे गौरी..॥ केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्पर धारी । सुर-नर-मुनिजन सेवत, तिनके दुखहारी ॥ ॐ जय अम्बे गौरी..॥ कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती । कोटिक चंद्र दिवाकर, सम राजत ज्योती ॥ ॐ जय अम्बे गौरी..॥ शुंभ-निशुंभ बिदारे, महिषासुर घाती । धूम्र विलोचन नैना, निशदिन मदमाती ॥ ॐ जय अम्बे गौरी..॥ चण्ड-मुण्ड संहारे, शोणित बीज हरे । मधु-कैटभ दोउ मारे, सुर भयहीन करे ॥ ॐ जय अम्बे गौरी..॥ ब्रह्माणी, रूद्राणी, तुम कमला रानी । आगम निगम बखानी, तुम शिव पटरानी ॥ ॐ जय अम्बे गौरी..॥ चौंसठ योगिनी मंगल गावत, नृत्य करत भैरों । बाजत ताल मृदंगा, अरू बाजत डमरू ॥ ॐ जय अम्बे गौरी..॥ तुम ही जग की माता, तुम ही हो भरता, भक्तन की दुख हरता । सुख संपति करता ॥ ॐ जय अम्बे गौरी..॥ भुजा चार अति शोभित, वर मुद्रा धारी । [खड्ग खप्पर धारी] मनवांछित फल पावत, सेवत नर नारी ॥ ॐ जय अम्बे गौरी..॥ कंचन थाल विराजत, अगर कपूर बाती । श्रीमालकेतु में राजत, कोटि रतन ज्योती ॥ ॐ जय अम्बे गौरी..॥ श्री अंबेजी की आरति, जो कोइ नर गावे । कहत शिवानंद स्वामी, सुख-संपति पावे ॥ ॐ जय अम्बे गौरी..॥ जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी ।