ले के फैज़ ए नबी का सहारा अपने मक़सद को पाने लगे हैं II Anjuman Alane Umar Lucknow 2Price II 2022 ll
SAIFUL ISLAM LUCKNOW
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ले के फैज़ ए नबी का सहारा अपने मक़सद को पाने लगे हैं
वो चले हैं जो असरा की शब में वक़्त ठैरा रहा है अदब में
उस जगह हो के आए हैं आक़ा सोचने में ज़माने लगे हैं
ज़ात ऐसी है हज़रत उमर की ताकत ए कुफ्र सहमी हुई है
देख कर जिनकी शान ए जलाली सूरमा थरथराने लगे हैं
वो जो उस्माँ पा खंजर चला है ये है तारीक रद्द ए अमल की
जंग नस्लों में हो ने लगी है लोग ख़ू में नहा ने लगे हैं
II Anjuman Alane Umar Lucknow II 2 Position II Kalam II Farooq Jazib Lucknowi II 2022 II