माँ चंद्रघंटा की कथा | नवरात्रि तृतीय दिन
देववाणी
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माँ चंद्रघंटा की कथा | नवरात्रि तृतीय दिन
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देववाणी
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▶ दूसरा दिन अभी तक नहीं देखा? पहले माँ ब्रह्मचारिणी की कथा यहाँ देखें: • माँ ब्रह्मचारिणी की कथा | नवरात्रि द्वितीय... 🙏
नवरात्रि के तृतीय दिन माँ चंद्रघंटा की पावन कथा सुनिए। माँ चंद्रघंटा नवदुर्गा का तृतीय स्वरूप हैं। इस वीडियो में जानिए देवी पार्वती की कठिन तपस्या, भगवान शिव की अनोखी बारात, माता मैना का भय और माँ चंद्रघंटा के नाम के पीछे छिपा रहस्य कि उनके मस्तक पर अर्धचंद्र के आकार का घंटा क्यों सुशोभित है।
नवरात्रि के तीसरे दिन माँ चंद्रघंटा की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। उनका शांत स्वरूप साहस, आत्मविश्वास और भय से मुक्ति का संदेश देता है। इस कथा में शिव-पार्वती विवाह के प्रसंग को सरल और भावपूर्ण हिंदी में प्रस्तुत किया गया है।
🌺 इस वीडियो में:
• माँ चंद्रघंटा की कथा
• देवी पार्वती की तपस्या और शिव-पार्वती विवाह
• भगवान शिव की बारात और माता मैना का भय
• माँ चंद्रघंटा के स्वरूप, घंटे और अर्धचंद्र का रहस्य
• नवरात्रि तृतीय दिन का महत्व
अगले दिन: नवरात्रि के चौथे दिन माँ कूष्मांडा की कथा।
जय माता दी 🙏
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