Перейти к содержимому

|| पूज्य भाईजी श्री हनुमान प्रसाद जी पोद्दार का जीवन चरित्र ||

Katha Samagam

0:00 / 0:00

|| पूज्य भाईजी श्री हनुमान प्रसाद जी पोद्दार का जीवन चरित्र ||

126 800 просмотров · 7 л. назад
Katha Samagam
17,9 тыс. подписчиков
126 800 просмотров · 7 л. назад
हनुमान प्रसाद पोद्दार का नाम गीता प्रेस स्थापित करने के लिये विश्व में प्रसिद्ध है। उनको प्यार से भाई जी कहकर भी बुलाते हैं। आज गीता प्रेस गोरखपुर का नाम किसी भी भारतीय के लिए अनजाना नहीं है। सनातन हिंदू संस्कृति में आस्था रखने वाला दुनिया में शायद ही कोई ऐसा परिवार होगा जो गीता प्रेस गोरखपुर के नाम से परिचित नहीं होगा। इस देश में और दुनिया के हर कोने में रामायण, गीता, वेद, पुराण और उपनिषद से लेकर प्राचीन भारत के ऋषियों -मुनियों की कथाओं को पहुँचाने का एक मात्र श्रेय गीता प्रेस गोरखपुर के संस्थापक भाईजी हनुमान प्रसाद पोद्दार को है। प्रचार-प्रसार से दूर रहकर एक अकिंचन सेवक और निष्काम कर्मयोगी की तरह भाईजी ने हिंदू संस्कृति की मान्यताओं को घर-घर तक पहुँचाने में जो योगदान दिया है, इतिहास में उसकी मिसाल मिलना ही मुश्किल है।