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कार्तिक मास महात्म्य: अध्याय 12 और 13, जालंधर की त्रिलोक विजय और देवताओं का उसके निवास स्थान पर गमन

Vrat Tyohar Parampara

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कार्तिक मास महात्म्य: अध्याय 12 और 13, जालंधर की त्रिलोक विजय और देवताओं का उसके निवास स्थान पर गमन

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Vrat Tyohar Parampara
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जय श्री लक्ष्मी नारायण! 🙏 कार्तिक मास के पावन अवसर पर आज श्रवण कीजिए कार्तिक पुराण के 12वें और 13वें अध्याय की कंबाइंड कथा। इस कथा में आप जानेंगे कि कैसे महाबलशाली असुर जालंधर ने देवताओं को पराजित कर त्रिलोक पर अपना अधिकार कर लिया। जब देवराज इंद्र सहित सभी देवता अपनी जान बचाकर भागे, तब भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी ने क्या किया? समुद्र पुत्र होने के कारण माता लक्ष्मी ने जालंधर को अपना भाई माना और किस प्रकार सभी देवताओं के साथ माता लक्ष्मी को जालंधर के निवास स्थान (समुद्र) में जाकर रहना पड़ा, इसकी पूरी और प्रामाणिक कथा आज के वीडियो में सुनिए। कार्तिक मास में इस परम पवित्र कथा को सुनने मात्र से घर में सुख-समृद्धि आती है और दरिद्रता दूर होती है। वीडियो को पूरा देखें, लाइक करें और कमेंट में 'जय मां लक्ष्मी' जरूर लिखें! #KartikMahatmya #KartikPuran #Adhyay12 #Adhyay13 #JalandharKatha #MataLakshmi #DevtaAurJalandhar #KartikMaasKatha #PuranikKatha #Bhaktisagar #SanatanDharma