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गहरी नींद में चेतना कहाँ जाती है | मांडूक्य उपनिषद | Mandukya Upanishad

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गहरी नींद में चेतना कहाँ जाती है | मांडूक्य उपनिषद | Mandukya Upanishad

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माण्डूक्य उपनिषद्: चेतना की चार अवस्थाएं और ओम् दर्शन चेतना की चार प्रमुख अवस्थाओं—जाग्रत, स्वप्न, सुषुप्ति और तुरीय प्रथम तीन अवस्थाएं मन और शरीर के सीमित अनुभवों से जुड़ी हैं, जबकि तुरीय वह शुद्ध और अनंत अवस्था है जहाँ आत्मा का साक्षात्कार ब्रह्म से होता है। ओंकार (ॐ) का ध्यान और उसका स्वरूप समझना चेतना की 'तुरीय' अवस्था क्या है और यह अन्य तीन अवस्थाओं से कैसे भिन्न है? मांडूक्य उपनिषद के अनुसार 'ॐ' (ओम्) का आध्यात्मिक महत्व और इसके अक्षरों का अर्थ समझाएं। गहरी नींद (सुषुप्ति) में मिलने वाला आनंद जागृत अवस्था के सुख से श्रेष्ठ क्यों माना गया है? #DeepSleep #Consciousness #Vedanta #AdvaitaVedanta #mandukyaupanishad #SpiritualAwakening #Turiya #Upanishads #selfrealization