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ब्रह्मा वेद विद्यालय के बटुकों ने शांति मंत्र पढ़कर पंडित वागिश दत्त मिश्र को दी श्रद्धांजलि

उत्तर प्रदेश पत्रकार परिषद

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ब्रह्मा वेद विद्यालय के बटुकों ने शांति मंत्र पढ़कर पंडित वागिश दत्त मिश्र को दी श्रद्धांजलि

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काशी की सांस्कृतिक विरासत और देव दीपावली को वैश्विक पहचान दिलाने में उनके योगदान को किया गया याद काशी की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, प्राचीन कुंडों एवं तालाबों के संवर्धन तथा देव दीपावली को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले केंद्रीय देव दीपावली महासमिति के अध्यक्ष वागीश दत्त मिश्र की स्मृति में पुष्कर तालाब पर दीप प्रज्वलित कर उनको भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने दीप जलाकर उन्हें नमन किया तथा काशी के प्रति उनके समर्पण एवं सामाजिक योगदान को याद किया जागृति फाउंडेशन के तत्वाधान में आयोजित श्रद्धांजलि सभा का शुभारंभ शीतल दास का बड़ा अखाड़ा के उत्तराधिकारी शिष्य एवं ब्रह्मा वेद विद्यालय के अध्यक्ष स्वामी राम शरण दास महाराज, होटल क्लार्क के जीएम उपेंद्र गुप्ता, एसएन दुबे समाजसेवी अजय मिश्रा मानस मर्मज्ञ एवं जन संघ के युवा नेता राघवेंद्र पांडे, मानस मर्मज्ञ श्याम सुंदर पांडे, काशी हिंदू विश्वविद्यालय स्थित सेंट्रल लाइब्रेरी के वरिष्ठ अधिकारी रामा पांडे, मदन गोपाल पांडे दिलीप कुमार पांडे एवं जागृति फाउंडेशन के महासचिव रामयश मिश्र ने संयुक्त रूप से स्वर्गीय वागिश दत्त मिश्र के चित्र पर माला पहनाकर और दीप प्रजवलन करके किया इसके पश्चात ब्रह्मा वेद विद्यालय के बटुकों ने शांति पाठ करके स्वर्गीय मिश्रा को श्रद्धांजलि दी l इस अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए स्वामी रामशरण दास महाराज ने कहा कि वागिश दत्त मिश्र ने काशी के गंगा घाट सहित काशी के कुंडो तालाबों जैसे पवित्र जल तीर्थ को देव दीपावली के माध्यम से बचाने का जो प्रयास किया उसी का देन है कि आज काशी के कुंड तालाब सुरक्षित है उन्होंने देव दीपावली को विश्व स्तर पर पहचान दिलाईl होटल क्लार्क के जीएम उपेंद्र गुप्ता ने कहा की वागिश दत्त मिश्रा के सहयोग से आज पूरे गंगा घाटों सहित कुंडो तालाबों पर देव दीपावली मनाए जाने लगी आज इस देव दीपावली से उत्तर प्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में काफी आगे बढ़ा है काशी के देव दीपावली से प्रदेश को बहुत अच्छी आय भी हो रही है लोगों को रोजगार मिलता है इसमें श्री मिश्र का बहुत बड़ा योगदान है l श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए अस्सी घाट के तीर्थ पुरोहित बलराम मिश्राने कहा कि वागिश दत्त मिश्रा ने देव दीपावली के माध्यम से पूरे विश्व को काशी से जोड़ा लोग काशी की देव दीपावली को देखने के लिए सात समुंदर पार से भी आने लगे हैं इसमें श्री मिश्र का योगदान महत्वपूर्ण l कार्यक्रम का संचालन करते हुए जागृति फाउंडेशन के महासचिव रमेश महासचिव रामयश मिश्र ने कहा कि पुष्कर तालाब के सफाई और सुंदरीकरण के अभियान में स्वर्गीय वागिश दत्त मिश्रा का बहुत ही सराहनीय सहयोग रहा है आज पुष्कर तालाब जो भी है उसमें श्री मिश्र का योगदान बहुत ही महत्वपूर्ण हैl इस अवसर पर रामयश मिश्रा ने वागीश जी के साथ अपनी अंतिम बातचीत को याद करते हुए कहा कि लगभग पांच दिन पूर्व देव दीपावली की तैयारियों को लेकर वीडियो कॉल के माध्यम से हुई बैठक में उनसे बातचीत हुई थी। उस समय उनकी तबीयत खराब थी और वे बोल पाने में असमर्थ थे, लेकिन इशारों के माध्यम से संवाद हुआ था। उन्हें क्या पता था कि यह मुलाकात इतनी यादगार बन जाएगी और कुछ ही दिनों बाद उनके निधन का समाचार सुनना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि वागीश जी का काशी के प्रति समर्पण अद्वितीय था। देव दीपावली को विश्व पटल पर प्रतिष्ठित करने में उनका योगदान सदैव याद किया जाएगा। घाटों से लेकर कुंडों और तालाबों तक, विभिन्न संस्थाओं एवं समितियों से जुड़े लोगों के नाम उन्हें याद रहते थे। वे लोगों को उनके नाम से पहचानते थे और सभी के साथ आत्मीय संबंध रखते थे। वागीश जी ने काशी के प्राचीन कुंडों एवं तालाबों के संरक्षण के लिए उल्लेखनीय कार्य किया। उनकी कार्य निष्ठा, सामाजिक सक्रियता और सांस्कृतिक विरासत के प्रति उनका समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा। पुष्कर कुंड पर प्रज्वलित दीपों के माध्यम से उपस्थित लोगों ने वागीश जी की स्मृतियों को नमन करते हुए काशी की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।