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Tejadashmi Mela 2026 Panwasa Maxi Rod Ujjain

Manoj Krishn Daas

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Tejadashmi Mela 2026 Panwasa Maxi Rod Ujjain

90 просмотров · 7 дн. назад
Manoj Krishn Daas
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तेजादशमी का मेला लोक देवता वीर तेजाजी महाराज की याद और उनके बलिदान को समर्पित रूप में हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि (तेजा दशमी) को लगता है। मेला लगने के मुख्य कारण और मान्यताएं: • वचनबद्धता और बलिदान: लोक मान्यता के अनुसार, वीर तेजाजी अपनी वचनों के प्रति पूरी तरह समर्पित थे। उन्होंने सर्प (नाग देवता) को दिए गए अपने वचन को निभाने के लिए अपने प्राणों की बाजी लगा दी थी। • सर्पदंश से रक्षा का वरदान: कथा के अनुसार, नाग देवता ने प्रसन्न होकर तेजाजी को यह वरदान दिया था कि तेजादशमी के दिन जो भी व्यक्ति सच्चे मन से उनकी पूजा करेगा या उनके नाम की 'तांती' (धागा) धारण करेगा, उसे या उसके पशुओं पर सांप के जहर का असर नहीं होगा। • प्रमुख आयोजन स्थल: यह मेला राजस्थान के नागौर जिले के परबतसर (जो पशु मेले के लिए प्रसिद्ध है), सुरसुरा (निर्वाण स्थली), अजमेर, बूंदी, राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश के गुना जिले (भामावड़ गांव) समेत कई स्थानों पर वीर तेजाजी के मंदिरों व थानों पर लगता है। • श्रद्धालुओं की आस्था: इस दिन भक्त रात को 'रातीजगा' (जागरण) करते हैं, सुबह मंदिर जाकर ध्वजा/झंडा चढ़ाते हैं, नारियल चढ़ाते हैं और अपने परिवार की सुख-समृद्धि एवं सर्पदंश से रक्षा की कामना करते हैं।