Перейти к содержимому

घूँघट की आड़ से दिलबर का दीदार अधूरा रहता है, सह गायिका रामेश्वरी अकुला

vasant divekar

0:00 / 0:00

घूँघट की आड़ से दिलबर का दीदार अधूरा रहता है, सह गायिका रामेश्वरी अकुला

818 просмотров · 8 дней назад
vasant divekar
82 подписчика