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पायो युवाचार्य प्याराे। Payo Yuvacharya Pyaro। युवाचार्य श्री महावीरकुमारजी।

Jain Geetika

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पायो युवाचार्य प्याराे। Payo Yuvacharya Pyaro। युवाचार्य श्री महावीरकुमारजी।

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#jain #terapanth #geetika #yuvacharyamanonayan #3monthscompleted #yuvacharyashrimahaveerkumarji #kocharfamily #phalsund #jaijaijyoticharanjaijaimahashraman Song composed by: Munishri Anekant Kumarji & Rishi Dugar Voice: Rishi Dugar @RISHIDUGAR Directed by: Sunil Patel Videography and Editing: Patel studio, Ladnun @pateldigitalimaging Videos courtesy: Amritvani ‪@amritvaniterapanth3488‬ Photo Courtesy: Bablu photographer, Rajat & Muskan Ostwal, IndubalaTated Produced by: Shri Sawaichandji Kochar & Family (Phalsund, Solapur, Gangavathi) LYRICS गण में है शंख बाज्यो, चारूं दिशा में गाज्यो पायो युवाचार्य प्यारो किरपा गुरुवर कराई, उर में आनंद समाई पायो युवाचार्य प्यारो हिवड़े में हर्ष उम्हायो, दिन मंगलकारी आयो आभारी है आज संघ सारो आभारी है संघ थारो, दीन्हो युवाचार्य प्यारो। सोने री धरा पर, धोरा-धरती रो पावन गाँव है फलसूंड ओ, सवाईचंद घर आँगने, कोचर कुल में बाल महावीर अवतरियो, सुपनो अनोखो माँ छगनी जी देख्यो हुयो भाग्य भलो है पायो ढ़ाई बरस रा बालपणे में गीत रूपां जी गायो गीत रूपां जी गायो संस्कारी बाल कहावे, मुस्कान यूं लुटावे शासन रो है भाग्य सितारो आभारी है संघ थारो, दीन्हो युवाचार्य प्यारो। हिवड़े वैराग्य जाग्यो, सुखमय आँगन ने छोड़ बणग्यो देखो वैरागी ओ, माता-पिता री आज्ञा ले, संयम पथ रो मार्गी बाल महावीर अनुरागीयो, जसोल नगरी में महाप्रज्ञ कर दीक्षा लेर जीवन सफल बणायो, परिकर में छायो उल्लास है अनहद घणो ही कोड पूरायो घणो ही कोड पूरायो निज में ही रमता जावै, मुनि जीवन ने महकावे लागे सबने है मनहारो आभारी है संघ थारो, दीन्हो युवाचार्य प्यारो। असम बरपथार में, महाश्रमण गुरुवर निज कर कमलां स्यूं है सजायो, मुनि महावीर कुमार ने मुख्यमुनि पदवी देकर विशेष बणायो, बहुश्रुत परिषद रा आप संयोजक गुरुवर स्यूं वरदान पायो, महावीर - महावीर पाठशाला स्यूं अध्यापन है करायो अध्यापन है करायो श्रुत आराधक है भारी, डॉक्टर री पदवी न्यारी गुरुवर रो ओ नयन सितारो आभारी है संघ थारो, दीन्हो युवाचार्य प्यारो। मन में महाश्रमण, तन में महाश्रमण रोम - रोम नाम यो ही रंजियो, महाश्रमण गुरुवर भी, अष्टकम् रचित कर निज आशीषां स्यूं है सिंच्यो, उत्तराधिकारी चुनता ही गुरुवर देखो संघ में है मंगल छायो, युवाचार्य वर्धापना रो यो देखो स्वर्णिम अवसर आयो स्वर्णिम अवसर आयो जन मन गीत गावै, निज भाग्य ने सरावै भिक्षु रो गण सब सूं है न्यारो आभारी है संघ थारो, दीन्हो युवाचार्य प्यारो। यह तेरस है मनभावन, जन्म त्रिसदि में पावन नव उद्योत करायो, योगक्षेम रो अवसर, संघ रो है सुस्वर गुरुवर स्यूं अवदान पायो, पाट री सूंपा चादर, महावीर आवो गुरुवर कर शीश धरियो, चंदेरी मोर नाच्या, सतरंगी साज साज्या जन - जन मन है हुलस्यो, जै.वि.भा में लाग्यो मेलो संता रो उमड्‌यो रेलो भक्ता रे दिल में है बसेरों आभारी है संघ थारो, दीन्हो युवाचार्य प्यारो। जिनशासन री महिमा अपार भैक्षव गण गुलशन गुलजार एक - एक स्यूं बढ़कर पाया गणमाली गण रा आधार महाप्रज्ञ जी फ़रमायों महावीर लागे भगवान एकादश पटधर तो सारो सूंप्या है युवराज ने भार जोश सहित है हर्ष घणो सकल संघ दिसै साकार, आतुर सुधिजन पाने थारो भजनामृत मंगल प्रसाद मधुर मृदुल मंजुल भाषी जन - जन हिवड़े हर्ष अपार सौभागी ओ संघ सांतरों पा युवराज महावीर कुमार-3