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पितरों की शांति के लिए ऋषि रुचि रचित पितृ स्तोत्र | Pitru Gayatri Mantra

Mantra Tattva

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पितरों की शांति के लिए ऋषि रुचि रचित पितृ स्तोत्र | Pitru Gayatri Mantra

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🙏 पितृ स्तोत्र | Pitru Stotram + Pitru Gayatri Mantra | महालया अमावस्या 2026 | सर्वपितृ अमावस्या 10 अक्टूबर | पितृ पक्ष मंत्र | Pitru Paksha Mantra | ऋषि रुचि कृत पितृ स्तोत्र | Pitru Stotra Lyrics 🕉️ सर्वपितृ (महालया) अमावस्या से पहले अपने पूर्वजों के स्मरण के लिए सुनें ऋषि रुचि द्वारा रचित पितृ स्तोत्र (मार्कण्डेय पुराण) और पितृ गायत्री मंत्र, हिंदी भावार्थ और पूरे लिरिक्स के साथ। 🪔 ⏱️ अध्याय (Chapters): सर्वपितृ अमावस्या 2026 के पावन अवसर पर ऋषि रुचि कृत पितृ स्तोत्र का पाठ सुनें। अपने पूर्वजों का आशीर्वाद और शांति प्राप्त करें। यह वीडियो पितृपक्ष के दौरान पितृ स्तोत्र और पितृ गायत्री के पाठ के माध्यम से पूर्वजों के प्रति सम्मान प्रकट करने का एक आध्यात्मिक प्रयास है। इसमें गणेश जी, देवताओं और ब्रह्मांड की वंदना की गई है, जो आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा और पितृ दोष से मुक्ति में सहायक हो सकती है। इस वीडियो में शांति पाठ का भी समावेश है, जो मन को एकाग्र करने और आत्मा को तृप्ति प्रदान करने में मदद करता है। सर्वपितृ अमावस्या से पहले इन पवित्र मंत्रों को सुनना आपके पितरों को प्रसन्न करने और कुल की उन्नति के लिए अत्यंत मंगलकारी माना गया है। यदि आप भक्ति और शांति का अनुभव करना चाहते हैं, तो चैनल को सब्सक्राइब जरूर करें। कमेंट में ओम पितृदेवाय नमः लिखें। 0:00 परिचय | पितृ पक्ष • महालया अमावस्या 0:47 गणेश वंदना 1:27 पितृ नमस्कार मंत्र 2:04 पितृ स्तोत्र (ऋषि रुचि कृत) 5:41 पितृ गायत्री मंत्र 6:23 तर्पण संकेत 6:36 क्षमा प्रार्थना 6:52 शांति पाठ 7:36 समापन • अगला वीडियो 📜 पितृ नमस्कार: ॐ देवताभ्यः पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च। नमः स्वाहायै स्वधायै नित्यमेव नमो नमः॥ 📜 पितृ स्तोत्र: अर्चितानाममूर्तानां पितॄणां दीप्ततेजसाम्। नमस्यामि सदा तेषां ध्यानिनां दिव्यचक्षुषाम्॥ इन्द्रादीनां च नेतारो दक्षमारीचयोस्तथा। सप्तर्षीणां तथान्येषां तान् नमस्यामि कामदान्॥ मन्वादीनां च नेतारः सूर्याचन्द्रमसोस्तथा। तान् नमस्याम्यहं सर्वान् पितॄनप्सूदधावपि॥ नक्षत्राणां ग्रहाणां च वाय्वग्न्योर्नभसस्तथा। द्यावापृथिव्योश्च तथा नमस्यामि कृताञ्जलिः॥ देवर्षीणां जनितॄंश्च सर्वलोकनमस्कृतान्। अक्षय्यस्य सदा दातॄन् नमस्येऽहं कृताञ्जलिः॥ प्रजापतिं कश्यपं च सोमं वरुणमेव च। योगेश्वरांश्च सततं नमस्यामि कृताञ्जलिः॥ नमो गणेभ्यः सप्तभ्यस्तथा लोकेषु सप्तसु। स्वयम्भुवे नमस्यामि ब्रह्मणे योगचक्षुषे॥ सोमाधारान् पितृगणान् योगमूर्तिधरांस्तथा। नमस्यामि तथा सोमं पितरं जगतामहम्॥ अग्निरूपांस्तथैवान्यान् नमस्यामि पितॄनहम्। अग्निषोममयं विश्वं यत एतदशेषतः॥ ये तु तेजसि ये चैते सोमसूर्याग्निमूर्तयः। जगत्स्वरूपिणश्चैव तथा ब्रह्मस्वरूपिणः॥ तेभ्योऽखिलेभ्यो योगिभ्यः पितृभ्यो यतमानसः। नमो नमो नमस्तेऽस्तु प्रसीदन्तु स्वधाभुजः॥ 📜 पितृ गायत्री: ॐ पितृगणाय विद्महे जगत्धारिणे धीमहि। तन्नो पितरः प्रचोदयात्॥ 🙏 भावार्थ: स्तोत्र में ऋषि रुचि देवताओं, ऋषियों, सूर्य, चंद्र, अग्नि और समस्त पितृगणों को हाथ जोड़कर नमन करते हैं और उनकी कृपा की प्रार्थना करते हैं। 💬 कमेंट में अपने पूर्वजों का स्मरण करते हुए लिखें: ॐ पितृभ्यः नमः ▶️ छोटा मंत्र (Shorts): [Short link] 🔔 ऐसे और मंत्र, स्तोत्र और भजन के लिए MantraTattva108 को सब्सक्राइब करें 🪔 ℹ️ AI-assisted devotional content. परंपराएँ परिवार के अनुसार भिन्न होती हैं; कृपया अपने कुल-पुरोहित से मार्गदर्शन लें। #PitruStotram #MahalayaAmavasya #PitruPaksha #SarvapitruAmavasya #PitruGayatri #MantraTattva108 पितरों की शांति के लिए ऋषि रुचि रचित पितृ स्तोत्र का पाठ करना बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है, खासकर पितृ पक्ष के दौरान। पितृ पक्ष 2026 में भी इस स्तोत्र का जाप करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और पित्र दोष से मुक्ति मिल सकती है। पितृ गायत्री मंत्र के साथ-साथ पितृ स्तोत्रम का पाठ करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और पितरों का आशीर्वाद मिलता है। सर्व पितृ अमावस्या 2026 पर पितृ तर्पण मंत्र के साथ पितृ स्तोत्र का पाठ करना विशेष रूप से फलदायी होता है। मन्त्रटट्वा108 पर उपलब्ध इस पितृ स्तोत्र को सुनने और इसका पाठ करने से आपको पितरों की शांति और आशीर्वाद प्राप्त हो सकता है। पितृ पक्ष 2026 में अपने पितरों की शांति के लिए पितृ गायत्री मंत्र और पितृ स्तोत्र का पाठ जरूर करें।