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तारामंडल पर रुद्र-लिपि|Official Video 2026|High Energy EDM|Shiva Trance

Shiva Trance | DJ Bhakti

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तारामंडल पर रुद्र-लिपि|Official Video 2026|High Energy EDM|Shiva Trance

346 просмотров · 4 дн. назад
Shiva Trance | DJ Bhakti
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तारामंडल पर रुद्र-लिपि|Official Video 2026|High Energy EDM|Shiva Trance Lyrics of this Song: रात खुली तो नभ ने कहा—सीमा नहीं, केवल विस्तार मैं एक कण, तेरा वितान—चारों ओर उजला संसार छोटे-छोटे भय थे मेरे—टिमटिम-टिमटिम बुझते दीप ऊपर तिरता नील समंदर—भीतर उठती श्वेत अदीप्त तारामंडल—ज्यों अक्षर-धारा नील-पट पर रुद्र-लिपि न्यारा उल्का-रेखाएँ त्रिशूल-चिह्न मन-पर्वत पर लिखें सहज नियम बादल-गर्भ में डमरू-झंकार धक-धक ऊष्मा—नाड़ी के पार दूर की गर्जन—शांत संकेत श्वास हुई दीर्घ, थरथर-रेत देवगणार्चितसेवितलिङ्गं भावैर्भक्तिभिरेव च लिङ्गम् । दिनकरकोटिप्रभाकरलिङ्गं तत्प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥ आकाश-विस्तार — शिवप्रभा! शिवशक्ति! — महादेवा! आकाश-विस्तार — शिवप्रभा! बोल बम! — बम बम! नेत्र उठे तो देह हुई—आकाश का ही एक अंश प्राणों में उत्तरी उजास—ध्यान-बिंदु का मधुर वंश समय की कड़ी ढीली पड़ी—दिशाएँ हो गईं सहेल मन की छतरी हटी अचानक—दिखा अनंत का निर्मल खेल ताराघेर में मौन उजाला—बिना ज्वाला तपता प्रेम तेरे होने का एक फलक—मेरी हर धड़कन में नेम ऊपर नील—अंदर नील—बीच कुँवर-सी कोमल रेख तेरी विराट उपस्थिति—हर कण में दृढ़, हर शिरा लेख आकाश-विस्तार — शिवप्रभा! शिवशक्ति! — महाकाल! आकाश-विस्तार — शिवप्रभा! भोला… बोल बम! त्रिशूल-समान तीन करारे—दूर-दूर तक नभ-पथ धार इच्छा-भय-संशय को छूकर—बन जाएँ स्थिर ध्यान-तार ज्योति नहीं पर दिखता सब—तू मौन-गति में दृश्य विशाल मैं चलूँ तो विस्तर हँसे—हर पग में तेरा कमल-काल नभ-गुंबद-सा हृदय हुआ—झंकृत नाद पराश रेणु-रेणु में नाद वही—ओंकार का विलास यक्षस्वरूपाय जटाधराय पिनाकहस्ताय सनातनाय। दिव्याय देवाय दिगम्बराय तस्मै यकाराय नम:शिवाय॥ आकाश-विस्तार — शिवप्रभा! शिवशक्ति! — महादेवा! आकाश-विस्तार — शिवप्रभा! बोल बम! — बम बम! अब न अलग मैं, न अलग तू—एक अनिर्वचनीय प्रसार तारामंडल मेरा प्रतिज्ञा—भक्ति बने ध्रुव-सा आधार रात्रि अगर फिर घिर भी आए—नील-किरण संग पार करूँ तू ही नभ, तू ही आधार—तेरे ही उर में स्वाँस धरूँ गर्जन तेरी अब अंगुली—दिशा-दिशा को प्रेम दिखाए अंतरिक्ष की विशाल बाहें—मेरे चारों ओर समाए आकाश-विस्तार — शिवप्रभा! शिवशक्ति! — महाकाल! आकाश-विस्तार — शिवप्रभा! शांति… शांति… महादेवा… समर्पित हूँ, प्रसारित हूँ—ज्यों वायु में निनाद तू विराट—मैं वह लहर—जिसमें शून्य भी हो आबाद नभ-दीक्षा ले चलूँ जगत—नेत्र बने अब दीप तेरे विस्तार की छाया—मन के भीतर अनुपम शीश आकाश-विस्तार — शिवप्रभा! शिवशक्ति! — हरिओंकार! आकाश-विस्तार — शिवप्रभा! बोल बम… बम बम… शांति… #Mahadev #HarHarMahadev #Hanuman #HareKrishna #Bhakti #Devotional #Mantra #IndianEDM #Bholenath #ShivaDJ #OmNamahShivaya #HarHarShambhu #Mahakal #DJRemix #BhaktiSong #ShivTandav #BassBoosted