Tara Singh Dodve | Malvi Folk Musical | PART-3
INTACH Rajkot
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Tara Singh Dodve | Malvi Folk Musical | PART-3
828 просмотров · 6 мес. назад
INTACH Rajkot
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Experience the soul of Malwa through a mesmerizing Lok Sangeet Baithak led by Tara Singh Dodve and his ensemble from Madhya Pradesh. Blending devotional depth with philosophical insight, the performance draws from Bhakti–Sufi traditions and the timeless poetry of Kabir—exploring themes of unity, spirituality, and social reflection.
Mandali (Group):
Tara Singh Dodve – Vocal
Santosh Saroliya – Violin
Vikas – Harmonium
Sonu Ji – Dholak
Featuring evocative renditions like:
“मत कर माया का अहंकार , मत कर काया का अभिमान
काया गार से काची, हो काया गार से काची..”
Organized by INTACH Rajkot Chapter at Rashtriya Shala, this baithak is part of ongoing efforts to celebrate and sustain India’s rich intangible cultural heritage.
Immerse. Reflect. Connect.
मत कर माया का अहंकार , मत कर काया का अभिमान
काया गार से काची, हो काया गार से काची..
रे जैसे ओस रा मोती,
मत कर माया का अहंकार , मत कर काया का अभिमान
काया गार से काची,
झोंका पवन का लग जाये, झपका पवन का लग जाए
काया धूल हो जासी , हो काया धूल हो जासी
रे जैसे ओस रा मोती,
ऐसा सख्त था महाराज, जिनका मुल्कों में था राज
जिन घर झूलता हाथी, हो जिन घर झूलता हाथी,
रे जैसे ओस रा मोती
भरया सिन्दड़ा में तेल, जहाँ रचयो है सब खेल
जल रही दिया की बाती, हो जल रही दिया की बाती,
रे जैसे ओस रा मोती
खूट गया सिन्दड़ा रो तेल , बिखर गया सब निज खेल
बुझ गई दिया की बाती, हो बुझ गया दिया का बाती,
रे जैसे ओस रा मोती
झूठा माई थारो बाप, झूठा सकल परिवार
झूठी कूंटता छाती,हो झूठी कूंटता छाती,
रे जैसे ओस रा मोती
बोल्या भवानी हो नाथ, गुरूजी ने सिर पर धरया हाथ
जिनसे मुक्ति हो जासी, हो जिनसे मुक्ति हो जासी,
रे जैसे ओस रा मोती
मत कर माया का अहंकार , मत कर काया का अभिमान
काया गार से काची, हो काया गार से काची..
रे जैसे ओस रा मोती, जैसे ओस रा मोती