हनुमान जी की गुरु भक्ति देख, शनि देव ने दिया था उन्हे एक वचन। 4K । दर्शन 🙏
Tilak
0:00 / 0:00
हनुमान जी की गुरु भक्ति देख, शनि देव ने दिया था उन्हे एक वचन। 4K । दर्शन 🙏
5 981 просмотр · 4 г. назад
Tilak
40,6 млн подписчиков
5 981 просмотр · 4 г. назад
भक्तों नमस्कार! प्रणाम! सादर नमन और अभिनन्दन... लाल देह लाली लसे, अरु धरि लाल लंगूर। वज्र देह दानव दलन, जय जय कपि सूर॥ भक्तों! हनुमानजी को समर्पित यह दोहा आप सभी ने सुना ही होगा। इसका मतलब होता है कि हनुमान जी का शरीर लाल है वो लाल रंग का सिंदूर लगाते हैं, जो वज्र के समान बलवान देवताओं में सबसे वीर हैं। हमारे देश के हजारों मंदिरों में विराजमान बजरंगबली का रंग लाल ही है किन्तु आज हम आपको जिस मंदिर की यात्रा करवाने जा रहे हैं वहाँ विराजमान हनुमानजी लाल नहीं, काले हैं। भक्तों यह अनूठा मंदिर है विश्वधरोहर और गुलाबी शहर के नाम से प्रसिद्ध राजस्थान की राजधानी जयपुर में। ये मंदिर जयमहल के नजदीक चांदी टक्साल में स्थित है।
मंदिर के बारे में:
भक्तों जयपुर के काले हनुमान मंदिर में विराजमान हनुमान जी के बारे में भक्तों का मानना है कि यह भक्तों की भावना के अनुरूप फल प्रदान करते हैं। लोग स्वास्थ्य, धन, ज्ञान हासिल करने के लिए हनुमानजी का विशेष मंत्र का जप करने यहाँ आते हैं। यह मंदिर न केवल श्रद्धालुओं की श्रद्धा का केंद्रबिंदु है अपितु प्राचीन भारतीय परंपरा का एक लोकप्रिय उदाहरण भी है। इस मंदिर में चांदी निर्मित हनुमान जी के विग्रह की छबि देखते ही बनती है।
मंदिर का इतिहास:
भक्तों जयपुर चांदी टक्साल स्थित काले हनुमान मंदिर, भारत के पुराने और सुप्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। इस मंदिर को आमेर के राजा जयसिंह ने लगभग 1000 साल पहले बनवाया था। कहा जाता है कि राजा ने जयपुर शहर की स्थापना से पहले, कलकत्ता से भवन निर्माण विशेषज्ञों और श्रमिकों को इस मंदिर के निर्माण हेतु बुलाया था। इस मंदिर के भवन स्तंभों का निर्माण ''पुष्य नक्षत्र' और वास्तु के नियमों के अनुसार किया गया है।
पौराणिक कथा:
भक्तों हनुमान जी के काले स्वरूप को लेकर एक पौराणिक कथा है जिसके अनुसार- हनुमान जी सूर्यदेव के शिष्य थे और उनकी शिक्षा-दीक्षा सूर्यदेव के यहां ही संपन्न हुई थी। हनुमान जी के काले वर्ण होने का रहस्य तब से शुरू होता है, जब हनुमान जी की शिक्षा-दीक्षा खत्म हो गई थी और हनुमान जी सूर्यलोक से वापस अपने घर अंजन प्रदेश लौटने वाले थे। जब हनुमान जी ने सूर्यदेव से कहा कि गुरुदेव मैं आपको गुरु दक्षिणा में क्या दूं। तब सूर्यदेव ने हनुमान जी से कहा कि मारुति मेरा पुत्र शनि मुझसे अच्छे से बात भी नहीं करता है। तुम, हम दोनों का अलगाव खत्म करवाकर एकता स्थापित करवा दो तो इसे मैं तुमसे प्राप्त हुई गुरु दक्षिणा समझूँगा।
शनिदेव ने हनुमान जी को वचन दिया:
भक्तों हनुमान जी, अपने गुरू की इच्छा को पूरी करने हेतु शनिदेव के पास गए। शनिदेव हनुमान जी की गुरु भक्ति देख अत्यधिक प्रसन्न हुए और वह हनुमान जी के आगे नतमस्तक होते हुये बोले कि- ‘मैं आपकी गुरुभक्ति देख बहुत खुश हुआ हूं। इसलिए मैं इस बात की घोषणा करते हुये वचन देता हूं कि शनिवार के दिन मेरे भक्तों की मनोकामना तब तक पूरी नहीं होगी जब तक वह मेरी अराधना के साथ आपकी पूजा नहीं करेंगे।
शनिदेव के सम्मान में काला रंग धारण किए हनुमान जी:
भक्तों जिस प्रकार शनि महाराज ने हनुमान जी का सम्मान करते हुये अपनी उदारतापूर्ण संकल्प लिया, उससे अभिभूत होकर हनुमान जी ने भी शनिदेव के सम्मान में काला रंग धारण कर लिया।
भक्त को भगवान से और जिज्ञासु को ज्ञान से जोड़ने वाला एक अनोखा अनुभव। तिलक प्रस्तुत करते हैं दिव्य भूमि भारत के प्रसिद्ध धार्मिक स्थानों के अलौकिक दर्शन। दिव्य स्थलों की तीर्थ यात्रा और संपूर्ण भागवत दर्शन का आनंद। दर्शन ! 🙏
इस कार्यक्रम के प्रत्येक एपिसोड में हम भक्तों को भारत के प्रसिद्ध एवं प्राचीन मंदिर, धाम या देवी-देवता के दर्शन तो करायेंगे ही, साथ ही उस मंदिर की महिमा उसके इतिहास और उसकी मान्यताओं से भी सन्मुख करायेंगे। तो देखना ना भूलें ज्ञान और भक्ति का अनोखा दिव्य दर्शन। 🙏
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि तिलक किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
#devotional #mandir #vlogs #hinduism #kalehanumanji #hanuman #kalehanumantemple #jaipur #rajasthan #travel #darshan #tilak #yatra #YouTube