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संस्कृत गीत - सुरस सुबोधा

Sri Aurobindo Society, Indore

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संस्कृत गीत - सुरस सुबोधा

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श्री माँ के अवतरण दिवस पर विशेष सुमधुर संस्कृत श्लोका: गीतांजलि: च संस्कृत गीत - सुरस सुबोधा सुमधुर गायन - 1.शिवालिका पुरोहित 2. आराध्य लडिया 3. चैतन्य गांधी 4. सिमरजीत कौर 5. दीक्षा सोडानी 6. लव दिक्षित 7. संजय गर्ग 8. माधवी दाभोलकर 9. मेधा खीरे 10. माधवी चांदोलिकर तबला - दिलीप व्यास हारमोनियम - यशवर्धन भट्ट संगीत संयोजन - स्वरांश पाठक (साज़ स्वर जैमिंग स्टूडियो) कवर पेज - स्वप्निला गुप्ता संकल्पना - सुश्री सुमन कोचर प्रस्तुति - श्री अरविन्द सोसाइटी, इन्दौर नैव क्लिष्टा न च कठिणा (राग - यमन कल्याण) सुरस सुबोधा, विश्व मनोज्ञा अमृत वाणी, संस्कृत भाषा ललिता हृदया , रमणीया । नैव क्लिष्टा न च कठिणा ॥ अमृत... कवि कोकिला वाल्मीकि विरचिता रामायण रमणीय कथा । अतीव सरला मधुर मन्जुला नैव क्लिष्टा न च कठिणा ॥ अमृत... व्यास विरचिता गणेश लिखिता महाभारते पुण्य कथा । कौरव पाण्डव संगर मथिता नैव क्लिष्टा न च कठिणा ॥ अमृत... कुरुक्षेत्र समराङ्गणगीता विश्ववन्दिता भगवद्‌‌गीता अमृतमधुरा कर्मदीपिका नैव क्लिष्टा न च कठिणा ॥ अमृत... कविकुलगुरूनवरसोन्मेषजा ऋतु-रघु-कुमारकविता । विक्रम-शाकुन्तल-मालविका नैव क्लिष्टा न च कठिणा ॥ अमृत... लेखकः - श्री वसन्त गाझील कठिन नहीं है संस्कृत मीठी, सरल, विश्व को प्रिय लगने वाली, मन को लुभाने वाली, हृदय को छूने वाली, सुंदर और आकर्षक भाषा अमृत जैसी वाणी है - संस्कृत भाषा, न तो जटिल है और न ही कठिन। कवियों की कोयल वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण की रमणीय कथा, अत्यन्त सरल, मधुर और मनोहर है, न तो जटिल है और न ही कठिन। वेदव्यास द्वारा रचित और गणेश द्वारा लिखित, महाभारत की पवित्र कथा, कौरव-पाण्डवों के युद्ध से निकली हुई है, न तो जटिल है और न ही कठिन। कुरुक्षेत्र के युद्ध-मैदान में कही गई गीता, विश्व द्वारा वंदित भगवद्‌गीता, अमृत जैसी मधुर और कर्म का दीपक है, न तो जटिल है और न ही कठिन। कविकुलगुरु कालिदास की रचनाएँ ऋतुओं पर रघुकुल और कुमार पर की गई कविताएँ, विक्रम, शकुन्तला और मालविका की कृतियाँ न तो जटिल हैं और न ही कठिन।