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रोंगटे खड़े कर देने वाली खतरनाक अघोरी झांकी - भोला नाचे मलंग मसाने में - Aghori Ki Jhanki 2020

Dehati Bhakti Bhajan

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रोंगटे खड़े कर देने वाली खतरनाक अघोरी झांकी - भोला नाचे मलंग मसाने में - Aghori Ki Jhanki 2020

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रोंगटे खड़े कर देने वाली खतरनाक अघोरी झांकी - भोला नाचे मलंग मसाने में - Aghori Ki Jhanki 2020 #AghoriJhanki #ShivJiKiJhanki #DehatiBhaktiBhajan Shiv Bhajan - Bhola Nache Malang Masane Me Artist - Ritesh Mahakal Lala (98116 94864) Singer - Mohit Chopra Music - Vinay Vinayak Lyrics - Anupam pandey Contact Company (Person) - Sheetal Kumar (9717072059) Mail Us ✉ - info@vianetmedia.com Music Label - Dehati Bhakti Bhajan Parent Lable(Publisher) - Shubham Audio Video Private Limited 4266_Tr122 अघोर पंथ, अघोर मत या अघोरियों का संप्रदाय, हिंदू धर्म का एक संप्रदाय है। इसका पालन करने वालों को 'अघोरी' कहते हैं। इसके प्रवर्त्तक स्वयं अघोरनाथ शिव माने जाते हैं। रुद्र की मूर्ति को श्वेताश्वतरोपनिषद (३-५) में अघोरा वा मंगलमयी कहा गया है और उनका अघोर मंत्र भी प्रसिद्ध है। विदेशों में, विशेषकर ईरान में, भी ऐसे पुराने मतों का पता चलता है तथा पश्चिम के कुछ विद्वानों ने उनकी चर्चा भी की है। अघोर पंथ के प्रणेता भगवान शिव माने जाते हैं। कहा जाता है कि भगवान शिव ने स्वयं अघोर पंथ को प्रतिपादित किया था। अवधूत भगवान दत्तात्रेय को भी अघोरशास्त्र का गुरू माना जाता है। अवधूत दत्तात्रेय को भगवान शिव का अवतार भी मानते हैं। अघोर संप्रदाय के विश्वासों के अनुसार ब्रह्मा, विष्णु और शिव इन तीनों के अंश और स्थूल रूप में दत्तात्रेय जी ने अवतार लिया। अघोर संप्रदाय के एक संत के रूप में बाबा किनाराम की पूजा होती है। अघोर संप्रदाय के व्यक्ति शिव जी के अनुयायी होते हैं। इनके अनुसार शिव स्वयं में संपूर्ण हैं और जड़, चेतन समस्त रूपों में विद्यमान हैं। इस शरीर और मन को साध कर और जड़-चेतन और सभी स्थितियों का अनुभव कर के और इन्हें जान कर मोक्ष की प्राप्ति की जा सकती है।