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भगवद गीता अध्याय 15 | संसार रूपी वृक्ष का रहस्य | पुरुषोत्तम योग | श्रीकृष्ण का ज्ञान

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भगवद गीता अध्याय 15 | संसार रूपी वृक्ष का रहस्य | पुरुषोत्तम योग | श्रीकृष्ण का ज्ञान

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राधे राधे 🙏 स्वागत है आपका MythoGyan के इस नए एपिसोड में। आज हम जानेंगे भगवद गीता के 15वें अध्याय, पुरुषोत्तम योग का गहरा रहस्य। इस अध्याय में श्रीकृष्ण संसार की तुलना एक ऐसे अद्भुत वृक्ष से करते हैं जिसकी जड़ें ऊपर और शाखाएं नीचे हैं। यह संसार रूपी वृक्ष तीनों गुणों से पोषित होता है और कर्मों के अनुसार इसकी शाखाएं फैलती रहती हैं। श्रीकृष्ण बताते हैं कि असंगति के शस्त्र से इस संसार वृक्ष को काटकर मनुष्य उस परम पद को प्राप्त कर सकता है, जहां से वापस लौटना नहीं पड़ता। इस अध्याय में जीवात्मा के स्वरूप और परम पुरुषोत्तम श्रीकृष्ण से उसके सनातन संबंध को भी समझाया गया है। 🙏 अगर आपको भगवद गीता और श्रीकृष्ण की शिक्षाएं पसंद हैं, तो वीडियो को Like, Share और Subscribe जरूर करें। राधे राधे ❤️