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भारतं भारतीयं नमामो वयम् 1st Position sanskrit Group Song | NPHC School condect BVP Dist Level 2026

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भारतं भारतीयं नमामो वयम् 1st Position sanskrit Group Song | NPHC School condect BVP Dist Level 2026

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Proud moment! Secured 1st position under the great judgment of Pro. Pyare Lal Ji and Pro. Habeeb Ji." Blessings of Principal S.K.Bansal Music Teachers - Bhavneet Singh and Rajinder singh Students Sugandha, seerat, sandeep, cherry, rajvi, anshika on harmonium - Rajinder Singh on tabla - Bhavishan Singh DOP - Pari Batta special thanks - Nisha mam, Simran mam B.ed Rajdeep mam, balbir mam, Renu bala mam, vishali mam, Aman mam & all teachers of nphc school patiala 24. भारतं भारतीयं नमामो वयम् सागरं सागरीयं नमामो वयम्, काननं काननीयं नमामो वयम्। पावनं पावनीयं नमामो वयम्, भारतं भारतीयं नमामो वयम् पर्वते सागरे वा समे भूतले, प्रस्तरे वा गते पावनं संगमे। भव्यभूते कृतं सस्मरामो वयम्, भारतं भारतीयं नमामो वयम् ॥ १॥ वीरता यत्र जन्माश्रिता संगता, संस्कृति मानवीया कृता वा गता। दैवसम्मानितं पावनं सम्पदम्, भारतं भारतीयं नमामो वयम्॥ २॥ कोकिलाकाकली माधवामाधवी, पुष्पसम्मानिता यौवनावल्लरी। षट्पदानामिह मोददं गुञ्जनम्, भारतं भारतीयं नमामो वयम् ॥ ३॥ पूर्णिमा चन्द्रिका चित्तसम्बोधिका, भावसंवर्धिका चास्ति रागात्मिका। चञ्चलाचुम्बितं पावनं प्राङ्गणम्, भारतं भारतीयं नमामो वयम् ॥ ४॥ भावार्थ-इस कविता में कवि ने भारत व भारतीयों को नमन किया है। इस धरती पर रहने वाले सागरवासियों, वनवासियों को स्मरण कर कवि इनमें उपस्थित वीर, धीर, गंभीर व मानवीय संस्कृति को रचने वालों को नमन किया है। कोयल की मधुर स्वर व भँवरों के गुंजों की आवाज, पुष्पों से सुसज्जित बेलें जो भँवरों के गुंजन से प्रसन्नता भर देती है। पूनम की चाँदनी में चित्त को जाग्रत करने वाली सत्वभावों सहित प्रेम को बढ़ाने वाली इस भारत भूमि व इस पर रहने वालों को नमन करता है।