भगवद्गीता अध्याय 3 कर्म योग का रहस्य | श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कर्म का क्या ज्ञान दिया?। GitaChapter3
संपूर्ण गीता
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भगवद्गीता अध्याय 3 कर्म योग का रहस्य | श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कर्म का क्या ज्ञान दिया?। GitaChapter3
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श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 3 — कर्म योग में भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन को कर्म, कर्तव्य, इच्छा, क्रोध और कर्म के फल से जुड़ा गहरा ज्ञान देते हैं।
अर्जुन के मन में प्रश्न था कि यदि ज्ञान श्रेष्ठ है, तो फिर उन्हें कर्म यानी युद्ध करने के लिए क्यों कहा जा रहा है? भगवान श्रीकृष्ण इस अध्याय में बताते हैं कि मनुष्य कर्म किए बिना नहीं रह सकता। इसलिए कर्म से भागना नहीं, बल्कि अपने कर्तव्य को सही भावना से करना ही कर्म योग है।
इस वीडियो में जानिए:
👉 कर्म योग क्या है?
👉 क्या कर्म छोड़ने से मोक्ष मिल सकता है?
👉 श्रीकृष्ण ने अर्जुन को युद्ध करने के लिए क्यों कहा?
👉 कर्म के फल की चिंता क्यों नहीं करनी चाहिए?
👉 इच्छा और क्रोध मनुष्य को कैसे बांधते हैं?
👉 भगवान स्वयं कर्म क्यों करते हैं?
👉 आज के जीवन में कर्म योग को कैसे अपनाएं?
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