Haathi Pe Aayengi Maa – Sharad Navratri 2026 Durga Swagat Aarti | Musicscope
Musicscope Devotion
0:00 / 0:00
Haathi Pe Aayengi Maa – Sharad Navratri 2026 Durga Swagat Aarti | Musicscope
16 просмотров · 9 дн. назад
Musicscope Devotion
20 подписчиков
16 просмотров · 9 дн. назад
शारदीय नवरात्रि की पूर्व संध्या के लिए माँ दुर्गा की स्वागत आरती। इस बार माँ हाथी पर सवार होकर आ रही हैं।
एक पुराना श्लोक कहता है "शशिसूर्ये गजारूढा", यानी जब नवरात्रि रविवार या सोमवार से शुरू हो, तब माँ गज पर बैठकर पधारती हैं। इसे अच्छी बारिश और भरे हुए अन्न-भंडार का शुभ संकेत माना जाता है। इस बार नवरात्रि रविवार से आरम्भ हो रही है। गाँवों में दादी-नानी बरसों से यही बात सुनाती आई हैं, और इसी से इस गीत का जन्म हुआ।
गीत में पकी धान के खेतों के उस पार दूर से आता उजला हाथी दिखता है। फिर वह धीरे-धीरे पास आता है और आखिर में गाँव के फाटक पर आकर रुकता है। वहाँ दीपों का थाल उठाए पूरा गाँव लाल चुनर वाली माँ की राह देख रहा है। शुरुआत शंख की गूँज से होती है। उसके बाद मंदिर का घंटा, हारमोनियम और बड़े झाँझ बजते हैं, और स्त्री-पुरुष सब मिलकर एक स्वर में गाते हैं: "हाथी पे आएँगी माँ, जय अम्बे"।
आपके गाँव या घर में नवरात्रि की पहली शाम माँ का स्वागत कैसे होता है? क्या आपकी दादी भी माँ की सवारी देखकर आने वाले बरस का हाल बताती थीं?
Song: Haathi Pe Aayengi Maa
Artist: Musicscope
Lyrics
[Instrumental intro: a long shankh call alone, then temple ghanta and harmonium enter]
[Shloka]
शशिसूर्ये गजारूढा, आयाति जगदम्बिका
सुवृष्टिं धान्यपूर्णत्वं, ददातु परमेश्वरी
[Verse 1]
पकी धान की बाली झूमे, खेत हुए सब सोने के
दूर क्षितिज पर उजला हाथी, दिन आए सुख होने के
रवि के दिन जब मैया आएँ, गज पर चढ़कर आती हैं
दादी कहती, संग में अपने, मेघ भरे वो लाती हैं
थाल सजा है, दीप जले हैं, गाँव का फाटक खोला है
जय-जय अम्बे, जय-जय अम्बे, हर बच्चा ये बोला है
[Pre-Chorus]
शंख बजे, घंटा बोले, झाँझ करे झनकार
आरती का थाल उठाओ, खोलो मन के द्वार
देखो-देखो चली आ रही, जगजननी की सवारी
गाँव-गली सब गूँज उठी है, जय हो माँ महतारी
[Chorus]
हाथी पे आएँगी माँ, जय अम्बे
लाल चुनर लहराएगी, जय अम्बे
मेघ बरसेंगे, भर देंगी भंडार, जय अम्बे
हाथी पे आएँगी माँ, जय अम्बे
[Verse 2]
धीरे-धीरे पास आ रहे, उजले-उजले गजराज
गले में घंटी रुनझुन बोले, बज उठे सब शुभ साज
हौदे में बैठी हैं मैया, लाल चुनर, माथे बिंदिया
हाथों में त्रिशूल, कमल है, नयनों में करुणा की नदिया
बच्चे दौड़े, बहनें दौड़ीं, मिलकर मंगल गाए
बूढ़ी आँखें भर-भर आईं, माँ के दर्शन पाए
[Pre-Chorus]
शंख बजे, घंटा बोले, झाँझ करे झनकार
आरती का थाल उठाओ, खोलो मन के द्वार
देखो-देखो चली आ रही, जगजननी की सवारी
गाँव-गली सब गूँज उठी है, जय हो माँ महतारी
[Chorus]
हाथी पे आएँगी माँ, जय अम्बे
लाल चुनर लहराएगी, जय अम्बे
मेघ बरसेंगे, भर देंगी भंडार, जय अम्बे
हाथी पे आएँगी माँ, जय अम्बे
[Interlude: harmonium carries the chorus melody over dholak, ghanta and crashing jhanjh]
[Verse 3]
फाटक पर अब आन खड़ी हैं, गज ने शीश झुकाया
माँ ने हँसकर हाथ उठाया, सब पर आशिष बरसाया
आम के पत्ते, कलश सजा है, नारियल लाल चुनर में
थाल उठाकर आरती गाएँ, सारे एक ही सुर में
नौ रातों तक जोत जलेगी, हर आँगन उजियारा
भूखा कोई न सोएगा अब, बरसेगी अमृत-धारा
[Chorus]
हाथी पे आएँगी माँ, जय अम्बे
लाल चुनर लहराएगी, जय अम्बे
मेघ बरसेंगे, भर देंगी भंडार, जय अम्बे
हाथी पे आएँगी माँ, जय अम्बे
[Bridge]
अन्नपूर्णा बनकर आओ, खलिहानों को भर जाओ
जगदम्बा बनकर आओ, दुख के बादल हर जाओ
बेटी बनकर घर आ जाओ, नौ दिन यहीं ठहर जाओ
जय दुर्गे, जय भवानी, जय गजवाहिनी माँ
जय अम्बे, जय गौरी, जय वरदायिनी माँ
जय काली, जय कल्याणी, जय अन्नदायिनी माँ
[Chorus]
हाथी पे आएँगी माँ, जय अम्बे
लाल चुनर लहराएगी, जय अम्बे
मेघ बरसेंगे, भर देंगी भंडार, जय अम्बे
हाथी पे आएँगी माँ, जय अम्बे
[Outro]
हाथी पे आएँगी माँ, जय अम्बे
भर देंगी भंडार, जय अम्बे
जय अम्बे, जय जगदम्बे
हाथी पे आएँगी माँ, जय अम्बे
[Instrumental outro: harmonium and ghanta carry the keherwa down, ending on one last shankh call]
A Musicscope channel