शिवप्रताप हिंदी – भाग ९
श्री शिवप्रताप
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शिवप्रताप हिंदी – भाग ९
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श्री शिवप्रताप
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🎬 शिवप्रताप हिंदी – भाग ९
अफजलखान के बाद स्वराज्य का तूफान
अफ़ज़लख़ान का अंत हो चुका था… लेकिन स्वराज्य का तूफ़ान अब और भी तेज़ होने वाला था! 🚩
शिवप्रताप हिंदी – भाग ९ में देखिए अफ़ज़लख़ान के अंत के बाद स्वराज्य की लगातार बढ़ती शक्ति और आदिलशाहीसमोर निर्माण झालेला मोठा संकट.
अफ़ज़लख़ान की सेना के बिखरने के बाद फ़ज़लख़ान का जंगलों से पलायन, मराठों द्वारा उसका पीछा, नेताजी पालकर की वीरता और शिवाजी महाराज की आक्रमक रणनीति से स्वराज्य की शक्ति लगातार बढ़ती जाती है।
शिवाजी महाराज कोल्हापुर तक आगे बढ़ते हैं और पन्हाला किले पर मराठों का भगवा ध्वज फहराता है। इसके बाद रुस्तमेजमान और फ़ज़लख़ान विशाल सेना लेकर महाराज से युद्ध करने आते हैं।
लेकिन मराठों की रणगर्जना के सामने शत्रु सेना टिक नहीं पाती। विजय के साथ स्वराज्य को घोड़े, हाथी, ऊँट और बड़ी मात्रा में संपत्ति प्राप्त होती है।
इसके बाद कथा एक नए मोड़ पर पहुँचती है…
🌊 दाभोल और राजापुर के समुद्री क्षेत्र में मराठों की गतिविधियाँ बढ़ती हैं।
⚓ अफ़ज़लख़ान की गल्बतों का प्रसंग सामने आता है।
🇬🇧 राजापुर की अंग्रेजी वखार और अंग्रेज व्यापारियों के साथ दोरोजी का संघर्ष भी इस भाग का महत्वपूर्ण प्रसंग है।
और फिर…
आदिलशाही स्वराज्य की बढ़ती शक्ति को रोकने के लिए एक और बड़ा कदम उठाती है।
⚔️ सिद्धी जौहर को शिवाजी महाराज के विरुद्ध विशाल सेना के साथ भेजा जाता है।
सिद्धी जौहर की सेना पन्हाला की ओर बढ़ती है और किले को चारों ओर से घेर लेती है। पन्हाला पर कठोर घेरा पड़ता है। मराठे किले के भीतर डटे रहते हैं, जबकि शत्रु सेना लगातार तोपों और सैन्य शक्ति से दबाव बढ़ाती है।
लेकिन सिद्धी जौहर को पन्हाला का घेरा तोड़ना आसान नहीं था…
इस बीच एक और विदेशी शक्ति इस संघर्ष में दिखाई देती है।
💥 अंग्रेजों से लंबी दूरी तक मार करने वाली बड़ी तोप की मांग की जाती है।
अंग्रेजी सहायता से बड़ी तोप पन्हाला के घेराव में लाई जाती है और उसे किले पर दागा जाता है।
अब सवाल था—
🚩 क्या यह विशाल अंग्रेजी तोप पन्हाला की दीवारों को तोड़ पाएगी?
⚔️ क्या सिद्धी जौहर शिवाजी महाराज को पराजित कर पाएगा?
🔥 या महाराज फिर एक ऐसी रणनीति बनाएंगे, जिससे पूरा शत्रु शिविर चकित रह जाएगा?
जानने के लिए देखिए पूरा “शिवप्रताप हिंदी – भाग ९”।
⚔️ इस भाग में क्या-क्या देखेंगे?
🔸 अफ़ज़लख़ान के अंत के बाद की घटनाएँ
🔸 फ़ज़लख़ान का पलायन
🔸 प्रतापराव मोरे और जंगल का प्रसंग
🔸 नेताजी पालकर की वीरता
🔸 विजापुर की ओर मराठों का अभियान
🔸 सातारा और कोल्हापुर तक स्वराज्य का विस्तार
🔸 पन्हाला किले पर मराठों का अधिकार
🔸 रुस्तमेजमान और फ़ज़लख़ान के साथ युद्ध
🔸 मराठों की शानदार विजय
🔸 दाभोल और समुद्री शक्ति का विस्तार
🔸 अफ़ज़लख़ान की गल्बतों का प्रसंग
🔸 राजापुर की अंग्रेजी वखार
🔸 दोरोजी और अंग्रेजों के बीच संघर्ष
🔸 स्वराज्य की बढ़ती समुद्री शक्ति
🔸 आदिलशाही की बढ़ती चिंता
🔸 सिद्धी जौहर का स्वराज्य के विरुद्ध अभियान
🔸 विशाल सेना के साथ पन्हाला की ओर कूच
🔸 पन्हाला का चारों ओर से घेरा
🔸 किले की मजबूत सुरक्षा
🔸 शत्रु की तोपबंदी
🔸 अंग्रेजों से लंबी दूरी की तोप की मांग
🔸 अंग्रेजी तोप का पन्हाला पर इस्तेमाल
🚩 शिवप्रताप हिंदी
यह श्रृंखला छत्रपति शिवाजी महाराज के शौर्य, रणनीति, संघर्ष, स्वराज्य स्थापना और मराठा इतिहास की रोमांचक घटनाओं को हिंदी में प्रस्तुत करती है।
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