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कृष्ण जानते थे युद्ध होने वाला है… फिर भी वे क्यों गए? | दिनकर 🦚

कथा काव्य संग्रह 🙂‍↕️

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कृष्ण जानते थे युद्ध होने वाला है… फिर भी वे क्यों गए? | दिनकर 🦚

31 просмотр · 13 дней назад
कथा काव्य संग्रह 🙂‍↕️
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“कृष्ण की चेतावनी” रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की ओजपूर्ण रचना है, जिसमें महाभारत के उस निर्णायक क्षण को स्वर मिलता है जब श्रीकृष्ण शांति और न्याय का अंतिम संदेश लेकर हस्तिनापुर पहुँचते हैं। कृष्ण युद्ध नहीं चाहते—वे पहले शांति, न्याय और धर्म का मार्ग प्रस्तुत करते हैं। लेकिन जब अहंकार, अन्याय और सत्ता का मद समझौते के हर रास्ते को बंद कर देते हैं, तब कृष्ण की चेतावनी आने वाले महायुद्ध की आहट बन जाती है। दिनकर ने कृष्ण को केवल एक धार्मिक पात्र के रूप में नहीं, बल्कि नीति, धर्म, विवेक और न्याय की चेतना के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया है। 🙏 जन्माष्टमी के अवसर पर कृष्ण को केवल बाल-गोपाल और मुरलीधर के रूप में याद करने के साथ-साथ उनके उस स्वर को भी सुनना चाहिए, जो हमें अन्याय के सामने खड़े होने और धर्म के पक्ष में निर्णय लेने की प्रेरणा देता है। कृष्ण की वाणी का संदेश आज भी वही है— धर्म के पक्ष में खड़े होने का समय आने पर निष्क्रियता विकल्प नहीं हो सकती। 🎙️ प्रस्तुत है Katha Kavya Sangrah पर — “कृष्ण की चेतावनी” | रामधारी सिंह ‘दिनकर’ #कृष्णकीचेतावनी #रामधारीसिंहदिनकर #दिनकर #श्रीकृष्ण #जन्माष्टमी #जन्माष्टमीविशेष #Janmashtami #Janmashtami2026 #Krishna #ShriKrishna #KrishnaJanmashtami #RadheKrishna #जयश्रीकृष्ण #कृष्ण #महाभारत #Mahabharat #KrishnaKiChetavani #Dinkar #HindiLiterature #HindiSahitya #HindiPoetry #HindiKavita #Geeta #Dharma #SanatanCulture #IndianLiterature #KathaKavyaSangrah #कृष्णकीचेतावनी #रामधारीसिंहदिनकर #श्रीकृष्ण #जन्माष्टमी #Janmashtami2026 #Krishna #KrishnaJanmashtami #महाभारत #Mahabharat #HindiLiterature #HindiPoetry #KathaKavyaSangrah