बाज़ और खून । जगन्नाथ पुरी मंदिर से कलियुग अंत के 9 संकेत । सच हुआ भविष्य मालिका । Bhavishya Malika
Journalist Guru
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बाज़ और खून । जगन्नाथ पुरी मंदिर से कलियुग अंत के 9 संकेत । सच हुआ भविष्य मालिका । Bhavishya Malika
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बाज़ और खून । जगन्नाथ पुरी मंदिर से कलियुग अंत के 9 संकेत । सच हुआ भविष्य मालिका । Bhavishya Malika
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In the Video, Journalist, Saurabh Kaushik details about 9 Signs from Jagannath Puri Temple at Puri, that Signify the the end of Kaliyug in 2022. All the 9 Signs were surprisingly clearly mentioned in 500 years old Bhavishya Malika Book by Saint Achyutananda Das. According to Sant Achyutananda Das, when these 9 signs will show up, It will be End of Kaliyug. Lord Jagannath or Vishnu will leave Jagannath Puri Dham in Odisha. The Signs from Jagannath Puri Mandir are Significant because Jagannath Puri Dham is one of the Four Revered Dham of Hindu Faith in India. The four Dhams are, Badrinath, Dwarka, Puri and Rameswaram.
Video Highlights:
00:11 About Jagannath Temple at Puri in Odisha
Video Coverage:
What are the names of 4 Dham?
Why Jagannath Puri is famous?
What is special about Puri Jagannath Temple?
What is the mystery of Jagannath Puri temple?
Achyutananda Malika Bachana
Kalijuga Malika
Who is writer of Malika Bachana?
What is Achyutananda Malika?
When was bhavishya Malika written?
Who had written Malika?
What is Bhavishya Malika?
Bhavishya Malika Predictions
Blood Spill in Jagannath Temple
Hawk at Jagannath Temple
Eagle at Jagannath Temple
Vulture at Jagannath Temple
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Journalist Guru is a YouTube channel by Journalist Saurabh Kaushik.
जर्नलिस्ट गुरू चैनल में आपका स्वागत है, मैं हूं सौरभ कौशिक, जर्नलिस्ट गुरू के इस वीडियो में हम बात करेंगे, ओड़िशा के रहस्यमयी ग्रंथ भविष्य मालिका या मालिका बचना की ।
जगन्नाथ मंदिर से 9 संकेत, कलियुग का अंत
ओड़िशा का भगवान जगन्नाथ पुरी मंदिर या श्रीमंदिर, यहां से जो भी संकेत मिलता है, वो संसार में होने वाली घटनाओं की ओर इशारा करता है। मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ पूरे जगत के नाथ हैं, वो किसी समुदाय, देश या धर्म तक सीमित नहीं हैं। पिछले कुछ साल से, इस दिव्य धाम से जो संकेत मिल रहे हैं, वो पूरे विश्व में एक बड़े विध्वंस की तरफ़ इशारा कर रहे हैं, जो भविष्य मालिका में पहले से लिखा है। सोचकर भी सब खतरनाक लगता है, लेकिन लगभग 500 साल पुराने, ओड़िशा के सटीक भविष्य बताने वाले ग्रंथ, भविष्य मालिका की मानें, तो ये सब सही है, और ऐसा शुरु भी हो चुका है। भविष्य मालिका के मुताबिक धरती एक बड़े बदलाव के दौर से गुज़र रही है। जो तीन चरणों में होगा। पहला कलियुग का अंत, दूसरा महविनाश और तीसरा नए युग का प्रारंभ। सुनने में ये सब थोड़ी लंबी प्रक्रिया लग सकती है लेकिन भविष्य मालिका के मुताबिक अगले कुछ साल में कलियुग का अंत और महाविनाश पूरा हो जाएगा, और फिर आएगा तीसरा चरण यानि नया युग।
16वीं सदी में ओड़िशा में पांच महान संत हुए। संत अच्युतानंद दास, संत अनंता दास, संत जसोवंता दास, संत जगन्नाथ दास और संत बलराम दास। इन समकालीन संतों को पंचसखा नाम से जाना गया। अपने भविष्य देख लेने की शक्ति से ही संत अच्युतानंद दास ने भविष्य मालिका ग्रंथ को लिखा। आइए अब जानते हैं भविष्य मालिका की भविष्यवाणियों के बारे में। भविष्य मालिका में कलियुग के अंतिम कालखंड और युग बदलने को लेकर अनेक सटीक भविष्यवाणिया की गई हैं, जो आज के समय से संबंधित हैं। सबसे पहले कलियुग का अंत होगा, फिर महाविनाश होगा और फिर आएगा नया युग।
भविष्य मालिका के मुताबिक कलियुग के अंत और महाविनाश की शुरुआत में, हमें पुरी के श्रीमंदिर क्षेत्र या भगवान जगन्नाथ के मंदिर से कुछ बड़े संकेत देखने को मिलेंगे। आइए जानते हैं उन 9 संकेतों के बारे में जिनके पूरे होन से, दुनिया में कलियुग का अंत और महाविनाश की शुरुआत हो जाएगी।
1. भगवान जगन्नाथ का अपमान होगा। मंदिर की परंपराओं में अव्यवस्था होगी।
2. जगन्नाथ पुरी मंदिर के पत्थर गिरेंगे।
3. ओड़िशा में एक चक्रवाती समुद्री तूफ़ान आएगा और पुरी के भगवान जगन्नाथ मंदिर का कल्पवृक्ष यानि पवित्र बरगद का पेड़ टूट जाएगा। इसके बाद दुनिया में लोगों के मरने का सिलसिला शुरू हो जाएगा।
4. जगन्नाथ पुरी मंदिर का झंडा कई बार गिरेगा और एक चक्रवाती समुद्री तूफ़ान में समंदर में जा गिरेगा।
5. जगन्नाथ पुरी मंदिर के शिखर पर नीलचक्र या सुदर्शन चक्र तूफ़ान से वक्र या टेढ़ा हो जाएगा।
6. जगन्नाथ पुरी मंदिर के झंडे में आग लग जाएगी।
7. भगवान जगन्नाथ मंदिर परिसर में त्रिदेव के ऊपर जो कपड़ा है, उसमें आग लग जाएगी।
8. भगवान जगन्नाथ मंदिर के शिखर पर और एकाश्म स्तंभ पर गिद्ध बैठेगा। ये चौंका देने वाली भविष्यवाणी है। लेकिन मंदिर के ऊपर वाकई गिद्ध, चील और बाज़ जुलाई 2020 और दिसंबर 2021 में दिखे। हाल के समय में, अलग-अलग समय पर मंदिर के झंडे, नीलचक्र और एकाश्म स्तंभ पर मरघट के पक्षी बैठ चुके हैं और मंदिर के ऊपर उड़ भी चुके हैं। इसे पूरे विश्व के लिए बहुत बुरे संकेत के तौर पर माना जा रहा है। सत्य हुई भविष्यवाणी।
9. भगवान जगन्नाथ के मंदिर में बार-बार रक्तपात होगा, यानि खून गिरेगा।
अगर हम भविष्य मालिका की भगवान जगन्नाथ पुरी मंदिर और कलियुग के अंत से संबंधित भविष्यवाणियों को देखें। 9 में से 9 भविष्यवाणियां सत्य हो चुकी हैं। यानि कलियुग का अंत समय और महाविनाश का समय आ चुका है।
भविष्य मालिका के मुताबिक कलियुग के अंत के संकेत चारों धाम से देखने को मिलेंगे।
Bhavishya Malika in Hindi
भविष्य मालिका हिंदी में
जगन्नाथ पुरी धाम
Malika
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@SatyaBhanja